“एब्सोल्यूट सिनेमा: जब श्रेयस अय्यर ने 111 रन डिफेंड कर दिए” – पंजाब बनाम केकेआर, आईपीएल 2025

हे हरे राम कृष्ण जगन्नाथम प्रेमानंदी! यह क्या हो गया! यह क्या हो गया!!
इंडियन प्रीमियर लीग 2025 में जब हर टीम 250-260 रनों का पीछा कर रही है, जब पिचें बॉटमलेस बाउंड्री मशीन बन चुकी हैं, वहाँ एक टीम आती है — 111 रन बनाती है… और फिर भी मैच जीत जाती है।

पंजाब किंग्स बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स का यह मुकाबला कोई साधारण मैच नहीं था। यह मैच नहीं, सिनेमा था। वो भी ऐसा सिनेमा जिसकी स्क्रिप्ट खुद क्रिकेट के देवताओं ने लिखी हो। जिस दिन सबने यह मान लिया था कि “अब तो 111 रनों का पीछा बच्चों का खेल है,” उस दिन पंजाब ने दिखा दिया कि क्रिकेट में स्कोर नहीं, इरादा जीतता है।


पहला हाफ: पंजाब का पतन

शुरुआत पंजाब के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं थी। टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी पंजाब की टीम की हालत शुरू से ही पतली थी। हर्षित राणा ने जैसे पंजाब के टॉप ऑर्डर को तहस-नहस करने की कसम खा ली हो — प्रभसिमरन, प्रियांश आर्या, और खुद कप्तान श्रेयस अय्यर को एक के बाद एक आउट कर दिया।

श्रेयस का शून्य पर आउट होना मानो कहानी में एक ट्विस्ट डाल गया। और वह भी उसी केकेआर के खिलाफ — जिसे वह चैंपियन बना चुके हैं।

जवाबी हमला वरुण चक्रवर्ती और नरेंद्र ने किया। ग्लेन मैक्सवेल फिर एक बार बल्ले से नाकाम रहे। पंजाब की टीम 111 पर ऑलआउट। स्टेडियम में सन्नाटा था, ट्विटर पर ट्रोलिंग चालू थी। पर किसी को नहीं पता था, असली स्क्रिप्ट तो अभी शुरू होनी थी।


दूसरा हाफ: जब चहल ने लहराया जादू का जाल

केकेआर की शुरुआत तेज़ थी। क्विंटन डीकॉक और नरेंद्र सात रन तक पहुंचते ही आउट हो गए, लेकिन फिर अंकश रघुवंशी और अजिंक्य रहाणे ने पारी को संभाला।

61 पर दो विकेट। सात ओवर में 62 रन। लगभग 50 रन चाहिए थे 13 ओवरों में, आठ विकेट बचे थे। आसान गणित था। आसान मैच था।

पर तभी, कहानी ने मोड़ लिया।

अजिंक्य रहाणे को गेंद पड़ती है — थोड़ी सी बाहर, चहल की गुगली। रहाणे चूकते हैं, अंपायर आउट दे देता है, लेकिन… रहाणे रिव्यू नहीं लेते!
बस, वहीं से शुरू होता है पतन। एक कप्तान की एक चूक, जिसने पूरे मैच की दिशा बदल दी।

चहल ने फिर रिंकू सिंह, अंकश रघुवंशी और रमनदीप सिंह को आउट किया। तीन ओवरों में चार विकेट लेकर चहल ने मैच की धड़कनें रोक दीं। वो भी सिर्फ 12 रन देकर!


श्रेयस अय्यर की वापसी की दास्तान

यह सिर्फ पंजाब बनाम केकेआर नहीं था।
यह श्रेयस अय्यर बनाम उनकी बीती परछाइयाँ थी।
वो श्रेयस जिसे केकेआर ने चैंपियन बनाया लेकिन फिर भी क्रेडिट गौतम गंभीर को मिला।
वो श्रेयस जिसे टीम ने रिटेन नहीं किया, आरटीएम नहीं किया, छोड़ दिया।
और अब वही श्रेयस, पंजाब के कप्तान बनकर 111 रन डिफेंड करवा देता है।

श्रेयस ने सिर्फ टीम को लीड नहीं किया — उन्होंने कप्तानी के क्लास में पीएचडी दी।
जिस तरह से उन्होंने मार्को यसन, अर्शदीप, चहल और अदीप को समय-समय पर इस्तेमाल किया — वो कप्तानी का मास्टरक्लास था।


अर्शदीप, मार्को और अदीप – साइलेंट असैसिन्स

जब रसेल क्रीज़ पर थे और 17 रन चाहिए थे, पंजाब की सांस अटक गई थी। लेकिन अदीप ने वो ओवर डाला जिसमें 5 डॉट गेंदें और एक विकेट निकला।

अर्शदीप सिंह — 3 ओवर, 11 रन, एक विकेट।
मार्को यसन — 17 रन देकर 3 विकेट।
ये वो खिलाड़ी थे जिनकी चर्चा कम होती है, लेकिन जो मैच बदलते हैं।

और फिर आखिरी ओवर में यसन ने आंद्रे रसेल को बोल्ड कर इतिहास लिख दिया।


मैच का सिनेमैटिक मोमेंट

केकेआर के विकेट कुछ इस तरह गिरे:

  • 7/1 – नरेंद्र आउट
  • 7/2 – डीकॉक आउट
  • 61/3 – रहाणे आउट
  • 72/4 – रिंकू आउट
  • 74/5 – अंकश आउट
  • 76/6 – रमनदीप आउट
  • 76/7 – वेंकटेश आउट
  • 79/8 – सुनील नारायण आउट
  • 95/9 – हर्षित आउट
  • 95/10 – आंद्रे रसेल आउट

95 रन पर ऑल आउट! लो स्कोरिंग थ्रिलर अपने पीक पर!


क्लाइमेक्स: एक पुराना रिकॉर्ड टूटा

आईपीएल इतिहास में इससे पहले सीएसके ने 116 रन डिफेंड किए थे 2009 में। 16 साल बाद पंजाब ने वो रिकॉर्ड तोड़ दिया — सिर्फ 111 रन बनाकर मैच जीत लिया।

यह मैच अपने आप में एक केस स्टडी है — कैसे इरादा, मानसिक मजबूती, कप्तानी और स्पिन जाल एक बड़ी बैटिंग लाइनअप को तहस-नहस कर सकता है।


भावनाओं का समुद्र: रहाणे का पछतावा, अय्यर की गरिमा

अजिंक्य रहाणे ने मैच के बाद कहा कि वे हार की पूरी जिम्मेदारी लेते हैं।
श्रेयस अय्यर के चेहरे पर एक शांत मुस्कान थी — जैसे कोई पुराना घाव भर गया हो।

इस जीत के बाद क्रिकेट जगत को समझना होगा — नेवर एवर डिसरिस्पेक्ट अ कैप्टन व्हो वॉन यू अ ट्रॉफी।


क्या अब पंजाब टॉप 4 में जाएगी?

पंजाब इस समय टेबल में मज़बूत स्थिति में है।
शशांक सिंह ने हमारे पॉडकास्ट में कहा था कि टीम टॉप 2 में जाएगी — और इस जीत ने उस उम्मीद को और भी मजबूती दी है।

दिल्ली को हराया, मुंबई से कांटे की टक्कर ली, हैदराबाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी — और अब केकेआर को 111 पर रोक दिया।
यह टीम अब “पंजाब किंग्स” नहीं, “पंजाब लायंस” जैसी लग रही है।


मैच के हीरो – नामों से आगे

  • युजवेंद्र चहल – 4 विकेट, गेम चेंजर
  • मार्को यसन – 3 विकेट, रसेल को बोल्ड
  • अर्शदीप सिंह – 11 रन देकर मैच थाम लिया
  • अदीप सिंह – डेथ ओवर का गेम सेवर
  • श्रेयस अय्यर – द कैप्टन, द फोर्स

समाप्ति पर एक लाइन – “आईपीएल इज बैक”

इस मैच ने साबित कर दिया कि आईपीएल में सिर्फ रन नहीं, रोमांच बिकता है।
बैक टू बैक थ्रिलर्स — दिल्ली बनाम मुंबई, लखनऊ बनाम चेन्नई, हैदराबाद बनाम राजस्थान — और अब पंजाब बनाम केकेआर।

आईपीएल अब एक बार फिर से “इंडियन पॉसिबल लीग” बन चुका है — जहां कुछ भी संभव है।


अगर आप भी इस मैच से भावुक हुए हैं, तो सोचिए एक श्रेयस अय्यर क्या महसूस कर रहा होगा — जिसने खुद को साबित कर दिखाया। जो गया था “रिजेक्ट” होकर, लौटा “किंग” बनकर।


अब सवाल ये है – क्या पंजाब टॉप 2 में पहुंच सकती है? क्या यह टीम इतिहास रचेगी?

क्या कहते हो तुम?
शशांक सिंह का दावा सही निकलेगा?
या फिर कोई और ट्रिक ट्विस्ट बाकी है?

कमेंट में बताओ, और इस सिनेमा को याद रखो — क्योंकि ये सिर्फ मैच नहीं था…
ये “श्रेयस अय्यर – द रिवेंज स्टोरी” थी।

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