बल्ला खामोश, सवाल बेमिसाल: ईशान किशन की IPL 2025 में गिरती हुई सल्तनत

कभी युवराज सिंह ने कहा था, “जब तक बल्ला चलता है तब तक ठाठ है, और जब बल्ला खामोश होता है तब उठते हैं बहुतेरे सवाल।” IPL 2025 में ईशान किशन की कहानी भी कुछ ऐसी ही हो गई है। पहले मैच में शतक और फिर लगातार फ्लॉप—ईशान किशन की यात्रा कमबैक किंग से फ्लॉप हीरो बनने तक की है।

IPL 2025 का आधा सफर पूरा हो चुका है और इस स्टेज पर कई नाम सामने आ चुके हैं: कुछ उम्मीदों से कहीं ज्यादा, तो कुछ बहुत पीछे। हैदराबाद के विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन का नाम भी उन्हीं में शामिल है जिन्होंने शुरुआत तो धमाकेदार की, लेकिन फिर जैसे खुद को ही खो बैठे।

जब मुंबई इंडियंस ने ईशान किशन को रिलीज किया और SRH ने उन्हें भारी-भरकम 11.5 करोड़ में खरीदा, तो लग रहा था कि किशन अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से हैदराबाद की फायरपावर को दुगना कर देंगे। और पहले ही मैच में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 47 गेंदों में 106 रन ठोककर उन्होंने इस भरोसे को मजबूत भी किया। वो पारी इतनी शानदार थी कि सोशल मीडिया पर मुंबई को कोसने वाले पोस्ट्स की बाढ़ आ गई। सबने कहा—मुंबई ने गलती कर दी!

पर वही पहली और शायद आखिरी झलक थी उस किशन की, जिसे सबने SRH का अगला सुपरस्टार माना था। उसके बाद छह मैचों में उनका स्कोर कार्ड कुछ यूं रहा:

  • बनाम लखनऊ: 0 रन
  • बनाम दिल्ली: 2 रन
  • बनाम केकेआर: 2 रन
  • बनाम गुजरात: 17 रन
  • बनाम पंजाब: 9 रन
  • बनाम मुंबई: 2 रन

यानि कि शुरुआती शतक के बाद अगले छह मैचों में सिर्फ 32 रन। स्ट्राइक रेट भी 100 के नीचे! किसी T20 बल्लेबाज के लिए इससे खराब दौर शायद ही कोई हो।

ईशान किशन को कभी पॉकेट डायनामाइट कहा जाता था, पर अब सोशल मीडिया पर उनका मज़ाक उड़ाया जा रहा है। किसी ने कहा, “टीम बदली, पर परफॉर्मेंस वही रही।” किसी ने लिखा, “11 करोड़ का बेकार निवेश! रिलीज कर दो।” और ये गुस्सा जायज़ भी है, क्योंकि एक खिलाड़ी पर जब इतना पैसा लगाया जाए, तो उससे सिर्फ एक मैच नहीं, पूरे सीज़न की उम्मीद होती है।

IPL शुरू होने से पहले हुए इंट्रा-स्क्वाड मैचों में किशन ने 23 गेंदों में 64 और 19 गेंदों में 49 बनाए थे। उसी प्रदर्शन ने सबको भरोसा दिलाया कि ईशान इस बार कुछ बड़ा करेंगे। लेकिन IPL जैसे बड़े मंच पर सिर्फ प्रैक्टिस मैचों की धमक से कुछ नहीं होता।

अगर पहले मैच की 106 रन की पारी को निकाल दें, तो किशन के नाम 34 गेंदों में सिर्फ 32 रन हैं। पाँच बार सिंगल डिजिट पर आउट होना ये दिखाता है कि न तो फॉर्म है, न इंटेंट, न क्लास, न स्टाइल। जब विकेटकीपर बल्लेबाज रन न बनाए तो टीम की रीढ़ कमजोर हो जाती है। यही SRH के साथ हो रहा है।

ट्रेविस हेड और अभिषेक शर्मा कभी-कभार चलते हैं, लेकिन मिडिल ऑर्डर पूरी तरह नाकाम रहा है। और इसमें सबसे बड़ा दोष दो खिलाड़ियों का है—ईशान किशन और नितीश रेड्डी। एक पॉकेट डायनामाइट, जो अब सिर्फ साइलेंट मोड में है, और दूसरा जो कभी विस्फोटक था, अब सिर्फ टिकने की कोशिश कर रहा है।

और ये सिर्फ आंकड़े नहीं हैं। मुंबई के खिलाफ वानखेड़े में जब ईशान किशन एक बार फिर फ्लॉप हुए और विल जैक्स की गेंद पर आउट हो गए, तो वो फैंस के लिए आखिरी उम्मीद भी खत्म हो गई।

ईशान किशन के फ्लॉप शो ने SRH की किस्मत को भी बिगाड़ दिया है। पांच मैच हारने के पीछे कहीं ना कहीं मिडिल ऑर्डर की ये विफलता ही है। टीम के बाकी बल्लेबाज जैसे ट्रेविस हेड, क्लासेन, अभिषेक शर्मा कुछ मैचों में चले हैं, लेकिन किशन और रेड्डी की जोड़ी ने लगातार टीम को पीछे खींचा है।

ईशान की मौजूदा हालत देखकर लगता नहीं कि वो जल्द फॉर्म में लौटेंगे। अगले एक-डेढ़ साल तक भी शायद उन्हें पुराने रंग में देखना मुश्किल हो। SRH अगर उन्हें रिलीज कर दे तो कोई बड़ी बात नहीं होगी। वहीं दूसरी ओर मुंबई इंडियंस अब राहत की सांस ले रही होगी कि उन्होंने किशन को छोड़ा और रिकल्टन जैसे बल्लेबाज को मौका दिया।

रिकल्टन भले ही बड़ा नाम न हो, लेकिन कम से कम हर मैच में 30-40 रन देकर टीम को स्टेबलिटी दे रहे हैं। जबकि किशन उस एक पारी के अलावा पूरे टूर्नामेंट में जैसे गुम ही हो गए हैं।

इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह शायद ईशान का माइंडसेट है। IPL जैसे टूर्नामेंट में निरंतरता सबसे ज़रूरी होती है। एक बड़ी पारी से आप स्टार तो बन सकते हो, लेकिन टूर्नामेंट नहीं जीतते। टीम को वो खिलाड़ी चाहिए जो हर मैच में 30-40 रन देकर टीम को मझधार से निकाल सके। और ये काम किशन नहीं कर पा रहे।

IPL 2025 में अगर SRH को प्लेऑफ की रेस में टिके रहना है तो उन्हें कड़े फैसले लेने होंगे। मिडिल ऑर्डर में बदलाव करना पड़ेगा, नए चेहरे आज़माने होंगे। ईशान किशन को अब कुछ मैचों के लिए बेंच पर बैठाना, या शायद पूरे सीज़न के लिए रिलीज़ कर देना ही SRH के हित में होगा।

वरना यही होगा—बल्ला खामोश और सवाल बेहिसाब।

Leave a Comment