बिहारी बेन स्टोक्स: 14 साल का तूफ़ान जिसका नाम है – वैभव सूर्यवंशी

“कौन है ये लड़का?”

जब 28 अप्रैल 2025 की शाम राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटन्स के बीच मुकाबला शुरू हुआ, तब किसी ने नहीं सोचा था कि क्रिकेट की किताब में एक नया चैप्टर जुड़ने वाला है। एक ऐसा चैप्टर जो सिर्फ रिकॉर्ड्स का नहीं, बल्कि रोमांच, विस्फोट और विस्मय का है। और इस चैप्टर का नाम था – वैभव सूर्यवंशी। महज़ 14 साल 271 दिन का एक किशोर जिसने IPL जैसे मंच पर 35 गेंदों में सेंचुरी ठोककर क्रिकेट को हिला डाला।


स्टेडियम की दीवारों से गूंजा – बें स्टोक्स!

जब वैभव ने सिराज को पुल किया, जब उसने राशिद खान को मिडविकेट के ऊपर से उड़ाया, जब करीम जन्नत की गेंदों को लेग साइड में भेजा – तब कमेंट्री बॉक्स से लेकर ट्विटर तक एक ही नाम गूंज रहा था – बेन स्टोक्स!

माइकल वॉन ने जब ट्वीट किया – “This kid is playing like B3N STROKES.” तो ट्विटर के गलियारों में लोग पूछने लगे – “भैया ये तारीफ़ है या फिर स्लैंग?”

लेकिन जो क्रिकेट देखते हैं, वो समझ गए – माइकल वॉन ने एक नाम नहीं लिखा, एक भविष्य लिखा था।


क्या सच में बें स्टोक्स जैसा है वैभव? या कुछ और बड़ा?

बें स्टोक्स की सबसे बड़ी खूबी थी उनकी grit, उनका fire, उनका never-say-die attitude। लेकिन वैभव?

वो तो जैसे आग लेकर आया था।
फुटवर्क नहीं, फिर भी टाइमिंग क्लासिक।
लेग साइड पे फ्लिक्स नहीं, फ्लेयर था।
और सबसे बड़ी बात – डर नहीं था।

प्रसिद्ध कृष्णा, ईशांत शर्मा, राशिद खान, वाशिंगटन सुंदर, करीम जन्नत – सबको धुल चटाई। ये वो नाम हैं जो IPL में कई बड़े-बड़े बैट्समेन की छुट्टी कर चुके हैं। लेकिन वैभव? वो जैसे कह रहा था – “तुम लोग टेस्ट में अच्छे होगे, मेरे सामने T20 में टिक नहीं सकते।”


लेफ्ट हैंडर की लीला: सहवाग से लेकर लारा तक

कई क्रिकेट फैंस को उसकी बैटिंग में सहवाग की झलक दिखी।
क्यों?

क्योंकि कोई फुटवर्क नहीं था।
बस आँख, हाथ और बल्ले का संयम।
गेंद को देखो, गेंद को समझो, और गेंद को सीमा के पार पहुंचाओ।

लेकिन वहीँ कुछ नज़रें गहराई से देख रही थीं –
वो हाई बैक-लिफ्ट, वो लेग साइड की फ्लो वाली स्ट्रोकप्ले – वो तो लारा की याद दिलाती थी।

ब्रायन लारा की वो “flair with arrogance” वाली बैटिंग।
वही तो थी इस 14 साल के वैभव के पास।


युवराज की झलक – क्लास विद पावर

जब वैभव ने सिराज को डबल स्टेप्स के साथ डाउन द ग्राउंड मारा –
ट्विटर पर एक लाइन ट्रेंड हो रही थी:

“ये युवराज की आत्मा है या कोई नया अवतार?”

बिलकुल वैसा ही एलिगेंस, वही आत्मविश्वास।
हर शॉट में एक राजसी ठाठ।
जैसे कोई प्रिंस बैटिंग कर रहा हो।
और शायद यही वजह थी कि कई एक्सपर्ट्स बोले –
“बेन स्टोक्स comparison ठीक है, लेकिन युवराज क्लास कुछ और थी – और ये लड़का उस रेंज में है।”


14 साल, 1 मैच, और 14 रिकॉर्ड्स

अब थोड़ा डाटा पर नज़र डालते हैं।
ये सिर्फ बैटिंग नहीं थी – रिकॉर्ड्स का तांडव था।

  • IPL में सबसे कम उम्र में अर्धशतक
  • सबसे कम उम्र में शतक
  • सबसे तेज़ सेंचुरी चेज़ में – 35 गेंद
  • सदी के सबसे तेज़ 100
  • राजस्थान की तरफ से चेज़ में सबसे तेज़ शतक
  • एक मैच में 11 छक्के – सबसे ज्यादा जॉइंट रिकॉर्ड
  • 1 मैच में 14 रिकॉर्ड्स
  • पहले ही मैच में प्लेयर ऑफ द मैच

और हां, 5 लाख से 1.5 मिलियन इंस्टाग्राम फॉलोअर्स – सिर्फ 6 घंटे में!


Board Exam? “BCCI बोर्ड” से हूँ भैया

14 साल की उम्र में जब लोग 9th क्लास की परीक्षा की चिंता करते हैं, तब वैभव से कोई पूछे कि “Board Exam कौन-से बोर्ड से हैं?”
उसका जवाब होता –
“BCCI बोर्ड से हूँ भाई।”

स्कूल: क्लास 9, सेक्शन D
बोर्ड: BCCI
सब्जेक्ट: Straight Drive, Flick, Pull और Helicopter (optional)


गुजरात के गेंदबाज़: एक-एक कर बने शिकार

  1. ईशांत शर्मा – 28 रन
  2. करीम जन्नत – 30 रन
  3. राशिद खान – शतक का सबसे बड़ा शिकार
  4. सिराज – 2 छक्के, 1 चौका, और हताशा

सबका एक ही हाल – गेंद डालो और वैभव से मार खाओ।

संजू सैमसन जब ड्रेसिंग रूम में बैठकर मुस्कुरा रहे थे, तब उनके चेहरे पर लिखा था –

“हमने हीरा खोज लिया है।”


क्रिकेट का नया तूफान या बेताज बादशाह बनने की शुरुआत?

क्रिकेट में हर साल कोई ना कोई उभरता है, लेकिन कोई-कोई ही तूफान बनता है।
वैभव सूर्यवंशी उसी तूफान की दस्तक है।
बिना किसी बड़ी हाइप के, बिना किसी बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस के –
बस एक मैच में ऐसा धमाका किया कि IPL का इतिहास बदल दिया।


विराट-रोहित भी देखकर चौंक गए होंगे

जब वैभव की बैटिंग चल रही थी, तो ट्विटर पर रोहित शर्मा और विराट कोहली ट्रेंड हो रहे थे।
क्यों?

क्योंकि रोहित ने IPL में सबसे तेज़ सेंचुरी 35 गेंदों में बनाई थी, और वैभव ने उसकी बराबरी कर ली।

क्योंकि विराट जब 14 साल के थे, तो शायद दिल्ली के स्कूल क्रिकेट में रन बना रहे थे।
और वैभव?

IPL में राशिद खान को स्कूप कर रहा था।


बिहारी बेन स्टोक्स – लेकिन क्या सिर्फ नाम से?

बेन स्टोक्स एक आइकन हैं। इंग्लैंड को वर्ल्ड कप दिलाया। टेस्ट क्रिकेट में नई जान फूंकी।
लेकिन वैभव सूर्यवंशी?

वो सिर्फ नाम से “बिहारी बें स्टोक्स” नहीं है।
वो खुद में एक पहचान है।
Class, Power, Fearlessness, Innocence – सब एक साथ।

बेन स्टोक्स में ये सब नहीं था।
युवराज में शायद था।
लारा में भी था।

लेकिन 14 साल में?

किसी में नहीं था।


नशा अभी तक गया नहीं – क्रिकेट को मिला नया ड्रग

सच कहें तो, IPL का हर साल कोई हीरो होता है।
लेकिन वैभव सूर्यवंशी – वो हीरो नहीं, सेंसेशन है।

जैसे 2024 में आयुष महात्रे थे, वैसे ही 2025 के भगवान बने – वैभव सूर्यवंशी।

अभी तक लोग उस इनिंग के हैंगओवर से बाहर नहीं आए।
वीडियो नंबर 1 ट्रेंड कर रहा है।
Memes बन रहे हैं।
Commentary में लोरी गाई जा रही है।
“वैभव-वैभव-वैभव” – यही मंत्र है क्रिकेट के नए धर्म में।


अंत में एक सवाल – क्या यही है अगला लीजेंड?

हर युग को अपना मास्टर चाहिए।

  • 80s का गावस्कर
  • 90s का सचिन
  • 2000s का सहवाग-द्रविड़
  • 2010s का विराट-रोहित
  • 2020s का शुभमन

क्या 2030s का नाम होगा – वैभव सूर्यवंशी?

अगर 14 साल में इतनी तबाही है, तो 24 में क्या होगा?


“कहानी अब शुरू हुई है…”

और यकीन मानिए – ये कोई सपना नहीं, वैभव का जलवा है।
जो आगे चलकर सिर्फ IPL नहीं, भारतीय क्रिकेट की किस्मत लिखेगा।

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