रात थी हैदराबाद की, पर रौशनी गुजरात से आ रही थी। बल्ला बोल रहा था, और गेंदबाजों की खामोशी चीख रही थी।
आईपीएल का यह मैच कोई साधारण मुकाबला नहीं था। यह उन कहानियों में से एक था, जहाँ एक टीम अपने चरम पर होती है और दूसरी छुट्टी पर। गुजरात टाइटंस ने जिस अंदाज़ में 224 रन ठोक दिए, वो सिर्फ बैटिंग नहीं थी — वो एक ब्यान था। और एसआरएच की गेंदबाज़ी? ऐसा लगा मानो पावरपॉइंट प्रेज़ेंटेशन चल रही हो, हर स्लाइड पर फुल टॉस, शॉर्ट पिच और छक्के।
1st Half – साईं-सुभमन का संग्राम
- ये आंकड़ा स्कोरबोर्ड पर उतना नहीं कहता जितना उसकी इनिंग्स की बॉडी लैंग्वेज कहती है। शुभमन गिल और साईं सुदर्शन — दो नाम जो हर मैच में जैसे किसी नई कविता के शेर बनते हैं।
- साईं सुदर्शन: 82 रन, 45 गेंदों में।
- शुभमन गिल: 77 रन, 41 गेंदों में।
- बटलर: 42 रन, 24 गेंदों में।
ये स्कोर नहीं, ये तांडव था। एक वक्त 13 ओवर में 150 रन थे, एक विकेट के नुकसान पर। ऐसा लग रहा था कि 250 के ऊपर जा रहे हैं। साईं सुदर्शन के शॉट्स — क्लासिकल कवर ड्राइव से लेकर हेलीकॉप्टर स्वाइप तक, हर एक गेंद पर कविता। शुभमन गिल, जिनकी आंखों में रन-आउट के बाद आंसू नहीं, आग थी।
गुजरात की ट्रिनिटी: साईं – शुभमन – बटलर
अब आंकड़ों की ज़रा तह में चलते हैं:
- साईं सुदर्शन: 504 रन, 50+ की एवरेज, 154 का स्ट्राइक रेट।
- शुभमन गिल: 465 रन, 51 की एवरेज, 162 का स्ट्राइक रेट।
- जोस बटलर: 470 रन, 78 की एवरेज, 170 का स्ट्राइक रेट।
तीनों बल्लेबाज़, टॉप-5 रन स्कोरर्स में शामिल हैं। ये केवल आंकड़े नहीं, ये गुजरात की टॉप ऑर्डर की दीवार है, जो हर मैच में पहले ही विरोधी टीम के मनोबल को ध्वस्त कर देती है।
प्रसिद्ध कृष्णा: राजस्थान की भूल, गुजरात की धूल
“हरे कृष्णा” का नाम लिया और एसआरएच के बल्लेबाज़ बाय-बाय कर दिए।
जब SRH का पीछा शुरू हुआ, एक पल के लिए तो लगा था कि 225 भी कम पड़ सकता है। अभिषेक शर्मा अकेले गदा उठाए हुए थे — 41 गेंद में 74 रन। लेकिन क्रिकेट नाम की चीज़ में अगर बैटिंग ही सब कुछ होती, तो गेंदबाजों की कोई जरूरत ही नहीं होती।
यहीं आए प्रसिद्ध कृष्णा।
- 4 ओवर – 19 रन – 2 विकेट
- और वो विकेट कौन से? ट्रेविस हेड और हेनरिक क्लासेन।
मतलब सीधे सिर पर वार। और जो सबसे ज़्यादा विस्फोटक हो सकते थे, उनको पहले ही चलता कर दिया।
अब ध्यान दीजिए आंकड़ों पर:
- 10 मैच में 19 विकेट
- 15 का औसत, 7 की इकॉनमी, स्ट्राइक रेट टॉप-2 में
- बुमराह के बाद बेस्ट इकॉनमी
- और इकलौते ऐसे गेंदबाज़ जो तीनों कैटेगरी (Avg, Economy, SR) में टॉप-5 में हैं।
ये आदमी आईपीएल 2025 का अनसुना हीरो बन गया है। राजस्थान ने उसे छोड़ा, गुजरात ने उसे तराशा — और अब प्रसिद्ध कृष्णा गुजरात का सबसे बड़ा हथियार बन चुका है।
SRH: GO GREEN मूवमेंट में शामिल
एक समय था जब SRH नाम डर पैदा करता था। ट्रेविस हेड, क्लासेन, नितीश रेड्डी, अब्दुल समद — ये नाम विपक्षी टीमों की चिंता थे। लेकिन आज?
- ट्रेविस हेड – 16 गेंद, 20 रन
- क्लासेन – 18 गेंद, 23 रन
- नितीश रेड्डी – 10 गेंद, 21 रन
- अनिकेत वर्मा – 7 गेंद, 3 रन
- कमिंदु मेंडिस – डक
बस एक अभिषेक शर्मा थे जो डटे रहे। और बाकी टीम? जैसे टूरिस्ट वीज़ा पर आई हो — “हम खेल नहीं देखेंगे, हम हैदराबाद में छक्के देखेंगे।”
और गेंदबाज़ी? हर्षल पटेल, शॉन एबॉट, टी नटराजन — तीनों ऐसे गेंद फेंक रहे थे जैसे नेट प्रैक्टिस हो रही हो। स्पेशल मेंशन: मोहम्मद सिराज — जिनका आज का स्पेल थोड़ी राहत लेकर आया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
गुजरात का अंडररेटेड करिश्मा
गुजरात टाइटंस को आज भी लोग फेवरेट्स नहीं मानते। क्यूँ? शायद क्योंकि उनकी जीत में न ड्रामा है, न सोशल मीडिया हाइप। बस एक सादी टीम है, जो मैदान पर सलीके से उतरती है, विरोधी को पाउडर बना देती है और बिना कुछ कहे चली जाती है।
- 14 पॉइंट्स, नंबर दो पर।
- टॉप थ्री में तीन बल्लेबाज़ टॉप फाइव में।
- पर्पल कैप भी उनके पास।
- सबसे इकोनॉमिकल और विनिंग बॉलिंग यूनिट भी।
ये टीम भले चुप हो, पर उनकी परफॉर्मेंस चीखती है।
राजस्थान की गलती, गुजरात की क्रांति
राजस्थान रॉयल्स ने छोड़े:
- प्रसिद्ध कृष्णा
- जोस बटलर
- युजवेंद्र चहल
तीनों आज किसी और के लिए करिश्मा कर रहे हैं। ये कहानी सिर्फ आईपीएल की नहीं, ये कहानी है किस्मत की, रणनीति की और समझदारी की।
आईपीएल पॉइंट्स टेबल वॉर – गुजरात का क्लियर रोड
गुजरात के पास अभी भी चार मैच हैं। 14 पॉइंट्स के साथ वो लगभग क्वालिफाई करने ही वाले हैं। 2 मैच और जीतते ही 16 पॉइंट्स पक्के, और तब उन्हें रोकना मुश्किल होगा।
तो क्या SRH का टूर्नामेंट खत्म?
तकनीकी रूप से नहीं, लेकिन मनोवैज्ञानिक रूप से शायद हां। टीम की बॉडी लैंग्वेज, कप्तानी का प्रभाव, और बल्लेबाज़ी की सनक — सब गिर चुकी है।
SRH अब उन्हीं टीमों के साथ है जो या तो “गो ग्रीन” मूवमेंट चला रही हैं (CSK), या जो 17 ओवर में मैच बंद कर देती हैं (RR)। मतलब “आए थे खेलने, पर खेल नहीं पाए।”
जब जुनून जीता, और छुट्टी हारी
गुजरात टाइटंस ने आज सिर्फ एक मैच नहीं जीता। उन्होंने SRH को आइना दिखाया। उन्होंने बताया कि टूर्नामेंट में नंबर वन बनने के लिए सोशल मीडिया हाइप, ब्रैंड वैल्यू या ट्रेंडिंग नामों की ज़रूरत नहीं होती। ज़रूरत होती है प्लानिंग की, परफॉर्मेंस की, और उस आग की जो शुभमन गिल की आंखों में दिख रही थी।
एसआरएच? अगली बार खेलने से पहले शायद छुट्टियों के लिए “ऑफ सीज़न” का इंतज़ार करें।
“क्रिकेट में रन सिर्फ बल्ले से नहीं बनते, जुनून से बनते हैं। और गुजरात का जुनून, आज मैदान में आग बनकर फूटा।”
