आईपीएल 2025 में अब बस एक ही सवाल गूंज रहा है — मुंबई इंडियंस फाइनल खेलेगी या नहीं?
और भाई साहब, अगर आपने पिछले कुछ हफ़्तों में क्रिकेट देखा है तो आपको जवाब पता है — मुंबई न सिर्फ फाइनल खेलेगी, मुंबई फाइनल जीतने का मूड बनाकर बैठी है।
अब यहां कोई शक नहीं रह गया। क्योंकि मुंबई इंडियंस के पास वो नहीं है जो दूसरी टीमों के पास होता है। एक्स फैक्टर? एक्स फैक्टर सबके पास होता है। पंजाब के पास लिविंगस्टोन है, दिल्ली के पास ऋषभ पंत है, आरसीबी के पास विराट कोहली है, लखनऊ के पास केएल राहुल है। सबके पास कोई न कोई एक्स फैक्टर है।
मुंबई के पास है ‘गोट फैक्टर’।
एक तरफ गोट ऑफ बैटिंग — सूर्यकुमार यादव।
दूसरी तरफ गोट ऑफ बॉलिंग — जसप्रीत बुमराह।
दोनों का कॉम्बिनेशन ऐसा है कि सामने वाली टीमों की हालत पतली हो रही है। डर इस बात का नहीं कि कोई एक बड़ा स्कोर कर देगा। डर इस बात का है कि मुंबई हर मैच में दोनों छोर से वार कर रही है। बैटिंग से भी मार रहे हैं, बॉलिंग से भी ध्वस्त कर रहे हैं।
बुमराह का बोलिंग शो: टी20 के ब्रह्मा
जसप्रीत बुमराह जब से आईपीएल में लौटे हैं, मुंबई इंडियंस एक अलग जानवर बन गई है।
जिस दिन बुमराह गेंद फेंकते हैं, ऐसा लगता है जैसे विपक्षी टीम के प्लान, स्ट्रेटेजी, सब धरे के धरे रह जाते हैं।
चार ओवर में 22 रन, चार विकेट!
और वो भी इस अंदाज़ में कि एक ही ओवर में तीन विकेट उड़ा देना — भाई साहब, मैच वहीं खत्म हो गया।
अगर आपको यकीन नहीं हो रहा तो आंकड़े देखिए —
- 21 रन देकर 1 विकेट
- 25 रन देकर 2 विकेट
- 39 रन देकर 1 विकेट
- 22 रन देकर 4 विकेट
और ये सब पिछले चार मैचों में हुआ है। मतलब जब बुमराह गेंदबाजी करने आते हैं, तो सामने वाले बल्लेबाजों को ऐसा लगता है जैसे बोर्ड परीक्षा में बिना पढ़ाई के बैठा दिया गया हो।
और अब बुमराह ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है —
आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा बार तीन विकेट लेने वाले गेंदबाज।
- बुमराह — 24 बार
- चहल — 21 बार
- मलिंगा — 19 बार
भाई साहब, मलिंगा को जो आइकॉनिक माना जाता था, उसको भी पीछे छोड़ दिया। यही है बुमराह इफेक्ट।
और सिर्फ आंकड़े नहीं, उनकी बॉलिंग का विजुअल भी देखो —
- कभी स्टंप्स उड़ते हैं,
- कभी कैच टपकाते हैं,
- कभी बल्लेबाज हैरान रह जाते हैं।
बुमराह पीक पर हैं। और जब बुमराह पीक पर होते हैं, तो मुंबई इंडियंस किसी के बाप से भी नहीं डरती।
सूर्या का सूरज: हर मैच में रोशनी
अब सूर्या भाई की कहानी सुनो।
सूर्यकुमार यादव — IPL 2025 के सबसे ‘डेंजरस’ बैटर।
भाई साहब, एक तरफ विराट कोहली हैं — 10 मैच में 427 रन।
और दूसरी तरफ सूर्या भी — 10 मैच में 427 रन।
लेकिन फर्क कहां है? फर्क स्ट्राइक रेट में है।
- विराट — स्ट्राइक रेट 145 के आस-पास।
- सूर्या — स्ट्राइक रेट 170+!
मतलब सूर्या रन भी बनाते हैं, और तेजी से बनाते हैं। जब सूर्या खेलते हैं, तो लगता है किसी ने टी20 को टेस्ट मैच की तरह लंबा खींचने की जगह — एक्सप्रेस वे पर दौड़ा दिया हो।
उनकी कुछ हालिया पारियां देखो:
- 28 गेंद में 54 रन
- 19 गेंद में 40 रन
- 30 गेंद में 68 रन
- 16 गेंद में 26 रन
- 28 गेंद में 40 रन
- 43 गेंद में 67 रन
हर बार, हर मैच में सूर्या ने मुंबई को ऐसी शुरुआत दी या मिडल ओवर में ऐसा फिनिश दिया कि विपक्षी टीमें सोचती रह गईं कि ये क्या हो गया।
और भाई, सबसे तेज़ 4000 रन का रिकॉर्ड भी सूर्या ने अपने नाम कर लिया।
मतलब अब दुनिया को ये मानना पड़ेगा —
“टी20 क्रिकेट में जो सूरज है, वो मुंबई इंडियंस का सूरज है।”
टीम का ऑलराउंड धमाका
अब अगर कोई सोचे कि मुंबई सिर्फ बुमराह और सूर्या पर टिकी है तो वह गलतफहमी में है।
टीम में हर दिन कोई नया हीरो पैदा हो रहा है।
- कभी रिचर्डसन मैच निकालते हैं,
- कभी विल जैक्स शो मचाते हैं,
- कभी रोहित शर्मा क्लासिकल पारी खेलते हैं,
- कभी तिलक वर्मा फिनिश करते हैं,
- कभी हार्दिक पंड्या बॉलिंग से कमाल करते हैं।
और भाई, बॉलिंग में देखो —
- बोल्ट विकेट निकालते हैं,
- दीपक चाहर पावरप्ले में आंधी मचाते हैं,
- सटनर दबाव बनाते हैं,
- आकाश मधवाल डेथ ओवर संभालते हैं।
मतलब पूरी टीम में डैप्थ है, वैरायटी है, इंटेंसिटी है।
मुंबई का ट्रांज़िशन: नाइंथ से सेकंड तक
याद करो, 12 अप्रैल 2025 —
मुंबई इंडियंस पॉइंट्स टेबल पर नाइंथ थी।
टीम संघर्ष कर रही थी। हार्दिक पंड्या कप्तान थे, लोग ट्रोल कर रहे थे। बुमराह फुल फिट नहीं थे। सूर्या भी अभी अपना गियर नहीं बदले थे।
लेकिन फिर आया टर्निंग पॉइंट।
सूर्या सेट हुए, बुमराह धमाके पर आ गए।
और उसके बाद 15 दिन में सब कुछ बदल गया।
27 अप्रैल को — मुंबई इंडियंस पॉइंट्स टेबल पर नंबर दो!
पांच मैच लगातार जीतना, वो भी कुछ ऐसे:
- विपक्षी घर में जाकर जीतना,
- अपने घर में आकर रौंद देना।
दिल्ली, लखनऊ, पंजाब, चेन्नई — सबको धूल चटाई गई।
ये है मुंबई का असली रंग।
“जिसका नाम है डोमिनेंस।”
फाइनल में कौन होगा?
अब असली सवाल — मुंबई फाइनल खेलेगी, सामने कौन आएगा?
आपके पास चार ऑप्शन हैं:
- आरसीबी (विराट कोहली की फॉर्म में टीम)
- पंजाब किंग्स (श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली लड़ाकू टीम)
- दिल्ली कैपिटल्स (पंत की कप्तानी में बैकफुट से फ्रंटफुट तक आया स्क्वॉड)
- लखनऊ सुपर जायंट्स (केएल राहुल का ग्रिट)
लेकिन भाई, जैसा मुंबई का फॉर्म है ना — सामने कोई भी आए, सूर्या + बुमराह कॉम्बिनेशन को रोक पाना मुश्किल है।
मुंबई अब ऐसा खेल रही है जैसे —
“फाइनल तो बुक है, बस टिकट किसके नाम होगा सामने वाला तय करेगा।”
निष्कर्ष: मुंबई इंडियंस — गोट फैक्टर का जलवा
इस आईपीएल में टीमों के पास एक्स फैक्टर है।
मुंबई इंडियंस के पास गोट फैक्टर है।
- सूर्या हर मैच में चमकते हैं,
- बुमराह हर मैच में मैच फिनिश करते हैं,
- और टीम ऑलराउंड परफॉर्म कर रही है।
अब मुंबई फाइनल जाएगी या नहीं —
इसमें कोई शक नहीं बचा।
मुंबई जाएगी।
मुंबई लड़ाई लड़ेगी।
मुंबई जीत भी सकती है।
क्योंकि जब आपके पास बुमराह और सूर्या हो, तो भाई साहब कहानी अपने आप लिखी जाती है।
