कभी-कभी क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं होता, वो एक भावना बन जाता है। और जब मैदान वानखेड़े हो, सामने वाली टीम चेन्नई सुपर किंग्स हो, और दोनों ओर पीले-नीले समंदर टकरा रहे हों, तब जो होता है, उसे हम सिर्फ एक ही नाम दे सकते हैं—“IPL का असली सिनेमा।”
और इस बार, मुंबई इंडियंस ने वो सिनेमा अकेले डायरेक्ट, प्रोड्यूस और एक्ट किया। चेन्नई सुपर किंग्स जैसी टीम को 177 रन बनाकर भी बेबस और लाचार बना देना, वो भी महज़ 15 ओवर 4 गेंद में, वो भी सिर्फ एक विकेट खोकर—ये कोई साधारण टीम नहीं कर सकती। ये ओल्ड स्कूल, वेटरन, क्लच मोमेंट्स की उस्ताद मुंबई इंडियंस थी।
“एल क्लासिको” नहीं, ये “एमआई क्लासिको” था
आपने शायद सुना हो—विराट को फॉर्म में लाना हो तो सामने पाकिस्तान लाओ, लेकिन अब क्रिकेट में एक और नियम जोड़ दो: मुंबई को ज़िंदा करना हो तो सामने सीएसके लाओ।
पिछले कुछ मैचों में लड़खड़ाती मुंबई की जो टीम दिख रही थी, वो कहीं खो गई। सामने जब पीली जर्सी आई, तब अचानक पूरी टीम में जान लौट आई। वानखेड़े में दर्शकों ने सिर्फ एक जीत नहीं देखी, उन्होंने देखा “मुंबई की वापसी”।
रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव ने मिलकर वो किया जो शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। रोहित का 76(45) और सूर्या का 68(30)—लेकिन ये आंकड़े उस तबाही का केवल ट्रेलर हैं जो इन दोनों ने मचाई।
पथिराना, खलील, नूर—सभी के नाम पर सिर्फ मार ही मार
एक वक्त था जब मथीशा पथिराना को “बेबी मलिंगा” कहकर डराया जाता था। आज, सूर्या और रोहित ने उन्हें “बेबी स्टेट” बना दिया।
- पथिराना: 10 गेंद में 34 रन
- नूर अहमद: 3 ओवर, 36 रन
- खलील अहमद: 2 ओवर, 24 रन
कुल मिलाकर, ये बॉलर नहीं थे, बल्कि नेट बॉलर्स लगे।
सूर्या ने तो जैसे नूर की आत्मा ही निकाल ली। और पथिराना को आखिरी ओवर तक रोकना? वो तो किसी हॉरर फिल्म में विलेन को इंटरवल के बाद लाने जैसा था—बिलकुल गलत मूव।
वानखेड़े में पुरानी यादों की वापसी
जब-जब मुंबई इंडियंस की वापसी होती है, एक नाम हमेशा सामने होता है: रोहित शर्मा। और इस मैच में वो विंटेज रोहित देखने को मिला, जिसकी हर एक बॉल पर लग रहा था कि “राजा अभी जिंदा है।”
- IPL इतिहास में 20 मैन ऑफ द मैच: सबसे ज्यादा इंडियन खिलाड़ी
- CSK के खिलाफ 9 बार 50+: टॉप
- अब कुल रन में शिखर धवन से आगे
रोहित शर्मा को शायद IPL की गर्मी तभी महसूस होती है जब सामने चेन्नई होती है। 2008, 2020 और अब 2025—तीनों बार CSK को 9 या 10 विकेट से हराया गया और तीनों बार मुंबई सामने थी।
सूर्या बाबू: वो आया, उसने देखा, उसने तबाही मचाई
इसे किस्मत कहें या स्क्रिप्ट, लेकिन सूर्या जब भी चोट से लौटते हैं, तो लगता है जैसे सुपरहीरो की एंट्री हो रही हो। इस बार भी 30 गेंदों पर 68 रन, 5 चौके, 5 छक्के और 200+ स्ट्राइक रेट।
अंत के दो बॉल्स पर दो छक्के? “एंड क्रेडिट सीन” जैसा एहसास आया।
बुमराह: साइलेंट किलर का कमाल
कई बार लगता है कि बुमराह के बिना मुंबई अधूरी है। और जब वो पूरे फॉर्म में होते हैं, तो सामने वाले को बस एक ही चीज़ मिलती है—डॉट बॉल्स और शांति।
चार ओवर, 25 रन, दो विकेट। और दो सबसे अहम विकेट—शिवम दुबे और एमएस धोनी। धोनी का विकेट तो ऐसा लगा जैसे कहानी वहीं खत्म हो गई।
सीएसके की समस्याएं: जो टीम बच्चों से भरी हो, वो स्कूल की तरह चलती है
CSK इस बार जिस टीम के साथ आई है, वो कहीं ना कहीं अधूरी दिख रही है। अनुभवी खिलाड़ी या तो बेंच पर हैं या आउट ऑफ फॉर्म। और जो यंगस्टर्स हैं, उन्हें टाइम नहीं मिल रहा।
लेकिन उस सबके बीच, एक नाम चमका—आयुष महात्रे।
- 15 गेंद, 32 रन
- स्ट्राइक रेट: 213
- दो छक्के, चार चौके
पहली ही पारी में दिखा दिया कि क्यों वो “CSK का भविष्य” कहे जा रहे हैं। लेकिन ये भविष्य CSK का वर्तमान नहीं बन पाया।
CSK की हार की वजहें
- पथिराना को लेट लाना: 13वें ओवर तक रोहित-सूर्य मैच निकाल चुके थे
- फील्डिंग: बहुत एवरेज
- मिड ओवर स्लो डाउन: दुबे और जडेजा ने रन बनाए, लेकिन बीच के ओवरों में रन रुके
- पावरप्ले में मार ना मारना: पूरे सीजन में पावरप्ले में 278 बॉल्स, सिर्फ 3 छक्के। आज आयुष ने अकेले 2 मारे।
मुंबई इंडियंस: ओजी मुंबई लौट आई है
अब इस टीम को देखिए:
- रिकल्टन: शानदार ओपनर
- रोहित: फॉर्म में
- सूर्या: वापस फॉर्म में
- तिलक वर्मा, विल जैक्स: आक्रमक मिड ऑर्डर
- हार्दिक: जो कभी भी आग उगल सकता है
- बुमराह, ट्रेंट बोल्ट, नमन दीर: डेडली बॉलिंग यूनिट
ये टीम अब “कमबैक इंडियंस” नहीं, “क्लासिक इंडियंस” बन गई है।
क्या CSK का ये धोनी युग का अंत है?
हम नहीं जानते कि ये एमएस धोनी का आखिरी साल है या नहीं, लेकिन इतना ज़रूर है कि उनकी आंखों में शायद यह टीम वो धार नहीं दिखा रही जो वो देना चाहते हैं।
लेकिन अगर वो छोड़ते हैं, तो आयुष, नूर, रुतुराज जैसे नाम भविष्य की लकीर जरूर बनेंगे।
फैंस का दिन: विराट और रोहित—दोनों के लिए जश्न
इस दिन की सबसे सुंदर बात थी कि संडे के दिन दोनों महानायक चमके। सुबह विराट ने मैच जिताया, मैन ऑफ द मैच बने। शाम को रोहित ने मैच जिताया, मैन ऑफ द मैच बने।
VIRAT + ROHIT = PERFECTION SUNDAY।
कुल मिलाकर: ये सिर्फ एक जीत नहीं थी, ये एक स्टेटमेंट थी
मुंबई इंडियंस ने इस मैच से कहा: “हम वापस आ चुके हैं। अब हमसे डरिए।”
सीएसके को जिस तरह से हराया गया, वो IPL इतिहास के सबसे डॉमिनेटिंग परफॉर्मेंस में से एक था। और शायद यही बात बाकी टीमों को भी समझ में आ गई है—ओजी मुंबई इंडियंस आ चुकी है।
