शीर्षक: गोयनका वर्सेस ऋषभ पंत – IPL 2025 की तीसरी बड़ी लड़ाई या फिर एक और “धोखा”?

IPL 2025. एक सीज़न जो सिर्फ़ क्रिकेट के आंकड़ों की कहानी नहीं सुना रहा, बल्कि एक इमोशनल थ्रिलर, पॉलिटिकल ड्रामा और कॉर्पोरेट egos की ज़मीन पर पनपी एक सीरीज बन चुका है। और इस कहानी का सबसे दिलचस्प किरदार? संजीव गोयनका। वही गोयनका जिनका कैमरा एंगल पूरे मैच के दौरान बार-बार दिखाया जाता है। वही गोयनका जिनका हर एक्सप्रेशन मैच से भी बड़ा इवेंट बन जाता है।

हमने पहले भी देखा — गोयनका बनाम धोनी, फिर गोयनका बनाम केएल राहुल, और अब — क्या गोयनका बनाम ऋषभ पंत शुरू हो गया है?


पहला अध्याय: संजीव गोयनका और विकेटकीपरों की अधूरी मोहब्बत

आपको याद है ना, जब 2016 में राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स (RPS) नाम की टीम IPL में उतरी थी? धोनी कप्तान थे। लेकिन अगले ही साल टीम मालिक संजीव गोयनका ने अचानक धोनी से कप्तानी छीनकर स्टीव स्मिथ को दे दी। मीडिया में बयान आया, “We’re moving on.” धोनी खामोश थे। लेकिन भारतीय क्रिकेट में इस चुप्पी की गूंज हर साल IPL में सुनाई देती है।

2022-2023 आते-आते गोयनका LSG टीम के मालिक बन चुके थे और एक नई जंग शुरू हुई — इस बार लक्षित थे केएल राहुल। कप्तान बने, रन बनाए, लेकिन जैसे ही परफॉर्मेंस गिरा, कैमरे ने वही दिखाया — गोयनका का गुस्सा, डांटते हुए केएल को ग्राउंड पर, और फिर एक साल बाद उनका कद घटते-घटते कप्तानी से बाहर।

अब 2025 है, और गोयनका ने ₹27 करोड़ की बोली लगाई दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान ऋषभ पंत पर। कप्तानी दी गई, भरोसा जताया गया। लेकिन IPL में भरोसे की उम्र कभी-कभी powerplay जितनी ही होती है।


दूसरा अध्याय: 22 अप्रैल की रात – “बदला” पूरा हुआ

22 अप्रैल 2025, LSG बनाम DC — उस मैदान पर सिर्फ दो टीमें नहीं थीं, दो कहानियां टकरा रही थीं। एक ओर केएल राहुल — वो खिलाड़ी जिसे गोयनका ने एक साल पहले “unsuitable” मानकर बाहर कर दिया था, और दूसरी ओर ऋषभ पंत — गोयनका की नई पसंद।

मैच का सीन बताता हूं:

  • ऋषभ पंत बैटिंग के लिए आते हैं। उम्मीदें हैं कि वो टीम को सँभालेंगे।
  • पहली ही बॉल मिस। दूसरी बॉल पर कट शॉट और… सीधा पॉइंट के हाथों में। गोल्डन डक
  • कैमरा तुरंत कट करता है — गोयनका साहब के चेहरे पर। और वहाँ… वो familiar नाराज़गी दिखती है।

और फिर क्लाइमेक्स। मैच के बाद जब केएल राहुल और गोयनका आमने-सामने आए, तो राहुल का वो cold handshake। ना आंखों में ग्लानि, ना मुस्कान। सिर्फ एक “You remember me now?” वाली शांति। वो शांति जिसमें सैकड़ों सवाल और जवाब दफन थे।

राहुल ने शतक मारा। जीत दिल्ली की हुई, लेकिन शाम गोयनका की हार की थी। वो हार जो शायद पिच पर नहीं, बल्कि ego और decision-making की chessboard पर हुई थी।


तीसरा अध्याय: ऋषभ की गिरती पारी और गोयनका का टूटता भरोसा

ऋषभ पंत IPL 2025 में: 0, 15, 2, 63, 0, 13
एवरेज: 15 से भी कम
स्ट्राइक रेट: 96

एक खिलाड़ी जो कभी fearless था, अब unsure है। वो पंत जो पहले खुद को तीसरे नंबर पर भेजता था, अब बदोनी और समथ के बाद खेलने आता है। ये बदलाव केवल बैटिंग ऑर्डर का नहीं, आत्मविश्वास का है।

स्टार स्पोर्ट्स पर रैना और कुंबले तक ने कहा — “ये ऋषभ वो ऋषभ नहीं है।”

कैसे हो सकता है? जो खिलाड़ी बस कुछ महीने पहले तक वापसी की सबसे inspiring कहानी लिख रहा था, वो आज फिर से सवालों के घेरे में है?


चौथा अध्याय: क्या ऋषभ अगला धोनी या राहुल बनने वाले हैं?

ऋषभ की मुश्किलें बढ़ रही हैं। और जब मालिक का भरोसा डगमगाने लगे, तो IPL में इतिहास कहता है – ज्यादा देर नहीं लगती।

हमने देखा है:

  • धोनी को हटाया गया एक झटके में, भले वो इंडिया के सबसे बड़े कप्तान क्यों न हों।
  • राहुल को बाहर का रास्ता दिखाया गया, भले उन्होंने पहले दो सीज़न टीम को प्लेऑफ तक पहुंचाया हो।

अब सवाल उठता है — क्या ऋषभ पंत भी अगली “कहानी” बनेंगे?
क्या उनके नाम के आगे भी “former LSG captain” जुड़ने वाला है?


पाँचवां अध्याय: गोयनका – एक visionary या toxic boss?

गोयनका की छवि IPL में एक अलग स्तर पर है। बाकी मालिक जहां dugout में बैठे रहते हैं, गोयनका VIP box में कैमरे की हेडलाइन बन जाते हैं।

  • जहां दूसरे टीमें cheerleaders को दिखाती हैं, वहाँ कैमरा बार-बार गोयनका के facial expressions को capture करता है।
  • जब मैच हारे जाते हैं, तो मीडिया Goenka Cam से समझता है कि कौन जिम्मेदार है।

एक तरफ लोग उन्हें visionary कहते हैं — जो bold फैसले लेते हैं। दूसरी तरफ उन्हें “Toxic Boss” कहा जाता है — जो हर हार के लिए एक scapegoat ढूंढते हैं।


छठवां अध्याय: IPL 2025 का सबसे बड़ा सवाल – क्या ऋषभ बच पाएंगे?

ऋषभ पंत के लिए यह सिर्फ एक सीज़न नहीं, एक existential battle है। वो कप्तान हैं, टीम के चेहरे हैं, लेकिन प्रदर्शन न के बराबर है। और मालिक, जो कैमरे के ज़रिए हर बॉल पर नज़र रखते हैं, उनके धैर्य की डोर कमजोर होती दिख रही है।

क्या दिल्ली कैपिटल्स फिर से “new captain” की तलाश करेगी?

क्या ऋषभ पंत को वही fate मिलेगा जो धोनी और राहुल को मिला?

क्या IPL 2026 में कोई नई टीम उन्हें कप्तान बनाएगी — एक और “बदला” लेने के लिए?


अंतिम अध्याय: कहानी अभी खत्म नहीं हुई…

IPL की खास बात यही है – यहाँ हर खिलाड़ी, हर मालिक, हर मैच एक नई स्क्रिप्ट लिखता है।

  • हो सकता है कि ऋषभ पंत फिर से खुद को तलाशें, और अगले ही मैच में 80 रनों की क्लासिक पारी खेल दें।
  • हो सकता है गोयनका एक बार फिर patience दिखाएं।
  • और ये भी हो सकता है — IPL के फाइनल के दिन कैमरे में एक बार फिर cold handshake दिखे, एक नया इतिहास बनाते हुए।

क्योंकि IPL सिर्फ क्रिकेट नहीं है। ये इमोशन, पॉलिटिक्स, प्रेसर, और पावर की एक कहानी है। और इस कहानी में इस साल के नायक और खलनायक – दोनों कैमरे के एक ही फ्रेम में हैं: गोयनका और ऋषभ पंत।

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