“112 चाहिए थे तो अंधी चली, 199 चाहिए थे तो सुसुप्त रही: केकेआर की हार, गुजरात की धमक और शुभमन का बदला”

IPL 2025: गुजरात टाइटंस की क्लिनिकल जीत और केकेआर की चौंकाने वाली हार – एक सिनेमैटिक विश्लेषण

जब क्रिकेट महज़ एक खेल नहीं, बल्कि इमोशन बन जाए, तब हर हार एक सवाल छोड़ जाती है और हर जीत एक कहानी। गुजरात टाइटंस और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच हुआ ये मुकाबला ठीक वैसा ही था – एक ओर रणनीति, क्लास और फॉर्म की जीत, और दूसरी ओर कन्फ्यूजन, गुटबाज़ी और आत्मविश्वास की हार।

शुभमन गिल का बदला – जोश से होश तक की कहानी

शुभमन गिल के लिए ये मैच सिर्फ दो अंक जीतने का जरिया नहीं था। ये एक इमोशनल रिडेंप्शन था। जिस KKR ने उन्हें जाने दिया, उन्होंने उसी टीम के खिलाफ 90 रनों की क्लासिक पारी खेली। 55 गेंदों में 90 रन – संयम और आक्रामकता का परफेक्ट बैलेंस। उनके साथ साईं सुदर्शन भी 36 गेंदों में 52 रन बनाकर छा गए। बटलर ने 23 गेंदों में 41 रन की जरूरी कैमियो दी और गुजरात का स्कोर 198 तक पहुंचा।

केकेआर की आत्मघाती बल्लेबाज़ी: अंधी दौड़, खोया आत्मविश्वास

टारगेट 199 का था और KKR की शुरुआत भी वैसी ही रही – 70 रन पर दो विकेट, अजिंक्य रहाणे जमकर खेले, 36 गेंदों में 50 रन। लेकिन जैसे ही वो आउट हुए, पूरी टीम अंधी दौड़ में तब्दील हो गई। रिंकू सिंह, वेंकटेश अय्यर, आंद्रे रसेल, रमनदीप सिंह – सभी खिलाड़ी शॉर्ट मारने की होड़ में आउट होते गए।

जिन खिलाड़ियों पर करोड़ों खर्चे गए, वो बेसिक स्ट्राइक रोटेशन तक नहीं कर पाए। रिंकू सिंह – 14 गेंदों में 17 रन, वेंकटेश अय्यर – 19 गेंदों में 14 रन, रसेल – फिर फ्लॉप। केवल अंकश रघुवंशी (13 गेंदों में 27 रन) ने थोड़ा दम दिखाया।

राशिद की वापसी, प्रसिद्ध की रफ्तार

गुजरात की गेंदबाज़ी टाइट थी। राशिद खान ने क्लास दिखाई – चार ओवर में 25 रन, दो बड़े विकेट। प्रसिद्ध कृष्णा का जादू फिर चला – चार ओवर, 25 रन, दो विकेट। साईं किशोर, ईशान पोरेल और मैगरास ने भी कमाल की बॉलिंग की।

केकेआर: मैनेजमेंट में गड़बड़ी या खिलाड़ियों की बेरुखी?

KKR की हार सिर्फ स्कोरकार्ड नहीं, बल्कि एक माइंडसेट का आईना है। गुटबाज़ी, असंतुलित चयन, और जिन खिलाड़ियों पर भरोसा किया, वो बार-बार नाकाम। रिंकू सिंह – लगातार फ्लॉप, वेंकटेश अय्यर – इंटेंट गायब, आंद्रे रसेल – अब पुरानी कहानी बन चुके हैं।

इस बीच अजिंक्य रहाणे लगातार लड़ते दिखते हैं – मैच दर मैच।

मिडल ओवर्स में मौत का सिलसिला

7 से 15 ओवर के बीच केकेआर ने पूरे सीजन में सबसे कम रन बनाए हैं – सिर्फ 520, और खोए सबसे ज्यादा विकेट – 27। स्ट्राइक रेट – सिर्फ 7 का। सिर्फ CSK ही है जो उनसे नीचे है इस फेज़ में।

गुजरात – टॉप थ्री का आतंक

गुजरात की टॉप थ्री – गिल, सुदर्शन, बटलर – तीनों क्लास और फॉर्म में। साईं सुदर्शन इस सीजन में आठ मैचों में पांच हाफ सेंचुरी मार चुके हैं। गिल का फॉर्म वापसी पर है – 61, 60, 90 रन लगातार। बटलर भी लगातार रन बना रहे हैं।

डिफेंडिंग चैंपियंस की फिसलती साख

2024 की चैंपियन टीम केकेआर अब चैरिटेबल फ्रेंचाइज़ी लग रही है। न फॉर्म, न टीम कॉम्बिनेशन, न स्ट्रैटेजी। डॉट बॉल्स में टॉप, मिडल ओवर्स में सबसे कम रन, और कैच ड्रॉप करने में भी एक्सपर्ट। बटलर के लॉलीपॉप कैच छोड़ने से मैच पहले ही हाथ से निकल गया था।

क्वालिफिकेशन की दौड़: गुजरात की रफ्तार

गुजरात टाइटंस ने अब तक छह मैच जीते हैं:

  • MI को 36 रन से
  • RCB को 8 विकेट से
  • SRH को 7 विकेट से
  • RR को 58 रन से
  • DC को 7 विकेट से
  • अब KKR को 39 रन से

12 पॉइंट्स के साथ टेबल टॉपर। ऑरेंज कैप – साईं सुदर्शन, पर्पल कैप – प्रसिद्ध कृष्णा। क्लिनिकल यूनिट।

निष्कर्ष: दो टीम, दो रास्ते

एक तरफ गुजरात टाइटंस है – जहां हर खिलाड़ी अपनी भूमिका जानता है और फॉर्म में है। दूसरी ओर KKR – जो अब टूटी हुई, भटकी हुई, और गुटों में बंटी टीम लगती है। जब तक ये अंदरूनी समस्याएं हल नहीं होतीं, तब तक वो क्वालिफाई करना तो दूर, इज़्ज़त से भी हाथ धो बैठेगी।

शुभमन गिल ने जो बदला मैदान पर लिया, वो सिर्फ स्कोरबोर्ड पर नहीं दिखा – वो उनकी आंखों में था। और शायद KKR के मैनेजमेंट को अब जाकर समझ आया होगा कि कुछ फैसले भावनाओं से ऊपर नहीं होते।

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