“14 साल में 14 करिश्मे: वैभव सूर्यवंशी का आईपीएल इतिहास बदल देने वाला तूफान”

28 अप्रैल 2025 — वो दिन जब क्रिकेट के इतिहास में कुछ ऐसा घटा जिसे देखकर दुनिया हक्की-बक्की रह गई। भारत के समस्तीपुर, बिहार से आए 14 साल 32 दिन के वैभव सूर्यवंशी ने न सिर्फ राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए गुजरात टाइटंस जैसी इंटरनेशनल सितारों से भरी टीम को धूल चटाई, बल्कि आईपीएल के 14 बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम कर दिए।

सोचिए, 14 साल की उम्र में जब हम स्कूल की यूनिफॉर्म पहनकर साइंस और मैथ्स की किताबें पकड़ते हैं, ये लड़का मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और राशिद खान जैसे धुरंधरों की गेंदों पर चौकों-छक्कों की बारिश कर रहा था।

कहते हैं न, “भैया, बिहारी सब पर भारी“, तो वैभव ने इस कहावत को एक ऐतिहासिक सच बना दिया। और वो भी क्रिकेट जैसे खेल में, जहाँ सालों की मेहनत के बाद भी बड़ा नाम कमाना आसान नहीं होता।


14 साल 32 दिन, और 14 रिकॉर्ड्स का सुनहरा अध्याय

वैभव सूर्यवंशी ने एक नहीं, दो नहीं, सीधे 14 बड़े रिकॉर्ड एक ही रात में बना डाले, जैसे कोई क्रिकेट का सुपरहीरो आकर मैदान पर कोहराम मचा गया हो। आइये जानिए कौन-कौन से रिकॉर्ड्स:

  1. यंगेस्ट आईपीएल सेंचुरियन — 14 साल 32 दिन में आईपीएल इतिहास का सबसे युवा शतकवीर।
  2. यंगेस्ट टी20 सेंचुरियन इन वर्ल्ड क्रिकेट — न सिर्फ आईपीएल, पूरी दुनिया में ऐसा कोई नहीं जिसने इतनी कम उम्र में टी20 में शतक लगाया हो।
  3. फास्टेस्ट सेंचुरी बाय ए यंगस्टर इन आईपीएल — 35 गेंदों में तूफानी शतक।
  4. फास्टेस्ट सेंचुरी इन आईपीएल चेज़ हिस्ट्री — लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे तेज़ शतक।
  5. यंगेस्ट मैन ऑफ द मैच अवार्ड विनर इन आईपीएल — 14 साल में ‘मैन ऑफ द मैच’ का खिताब।
  6. जॉइंट मोस्ट सिक्सेस बाय एन इंडियन इन ए सिंगल आईपीएल मैच — 11 छक्के।
  7. जॉइंट मोस्ट सिक्सेस इन आईपीएल चेजिंग — फिर से 11 छक्के चेज़ करते हुए, नया इतिहास।
  8. हाईएस्ट सिक्सेस फॉर राजस्थान रॉयल्स इन वन मैच — पुराना रिकॉर्ड संजू सैमसन के नाम था (10 छक्के)।
  9. ओनली इंडियन टू स्कोर आईपीएल सेंचुरी बिफोर 11 ओवर — दस ओवर पांच गेंद में सेंचुरी।
  10. सेकंड फास्टेस्ट सेंचुरी इन आईपीएल हिस्ट्री — सिर्फ क्रिस गेल (30 गेंद) आगे।
  11. फास्टेस्ट सेंचुरी बाय एन इंडियन इन आईपीएल — युसुफ पठान का रिकॉर्ड (37 गेंद) तोड़ा।
  12. फास्टेस्ट सेंचुरी ऑफ द डिकेड — 2020 के बाद से अब तक सबसे तेज शतक।
  13. मोस्ट बाउंड्रीज़ बाय एन इंडियन इन ए आईपीएल मैच — 10 बाउंड्रीज़।
  14. यंगेस्ट टू हिट 200+ स्ट्राइक रेट इन आईपीएल मैच (100+ रन बनाते हुए) — 200+ स्ट्राइक रेट के साथ शतक।

कैसे खेला वैभव ने वो अविश्वसनीय इनिंग?

मैच की शुरुआत हुई तो सबकी नजरें राजस्थान के सीनियर बल्लेबाज़ों पर थीं। पर जब 14 साल के वैभव सूर्यवंशी बैटिंग के लिए आए, तो लगा शायद बस एक-दो ओवर टिक जाएँ, सीखने का मौका मिलेगा।

पहली ही गेंद पर चौका।
दूसरी गेंद पर छक्का।
तीसरी गेंद पर स्ट्रेट ड्राइव।

भाई साहब, तीन गेंदों में ही स्टेडियम का माहौल बदल गया था। सोशल मीडिया पर मीम्स बनने लगे। लोग कहने लगे — “भाई ये बच्चा नहीं, बवाल है।”

फिर आया ईशांत शर्मा का ओवर — एक जमाने में पोंटिंग जैसे दिग्गज को घुटनों पर लाने वाले ईशांत को इस बच्चे ने लगातार तीन चौके मारे। फिर राशिद खान जैसे दुनिया के नंबर 1 टी20 बॉलर के खिलाफ बिना डरे खेलना।

28 रन ईशांत शर्मा के एक ओवर में, 30 रन करीम जन्नत के एक ओवर में। मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे इंटरनेशनल सितारे भी उसके सामने बेबस लगे।

जिस आत्मविश्वास से वैभव खेल रहे थे, लगा नहीं कि सामने 14 साल का बच्चा है। वो ना सिर्फ शॉट मार रहे थे, बल्कि गेंदबाज़ों के माइंड गेम को भी तोड़ रहे थे।


इतिहास बनते देखना: 35 गेंदों में शतक

जब वैभव ने 35वीं गेंद पर सिंगल लेकर अपना शतक पूरा किया, स्टेडियम खचाखच भरा हुआ था और हर कोई खड़ा होकर ताली बजा रहा था। टीवी पर कमेंटेटर्स चिल्ला रहे थे —
“Unbelievable! Unreal! 14-year-old Vaibhav Suryavanshi has done the unthinkable!”

राहुल द्रविड़, जो राजस्थान के मेंटर बने हैं, व्हीलचेयर से खड़े होकर तालियाँ बजा रहे थे। उनकी आँखों में गर्व था। वो गर्व जो शायद कभी-कभार ही नसीब होता है।

जब वैभव आउट हुए, तो रन चेज़ लगभग खत्म हो चुका था। राजस्थान ने 200+ का लक्ष्य सिर्फ 11.2 ओवर में चेज़ कर लिया — वो भी सिर्फ इसलिए क्योंकि एक 14 साल के लड़के ने नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया।


सोशल मीडिया पर मचा बवाल

इंस्टाग्राम, ट्विटर, फेसबुक — हर जगह बस एक ही नाम गूंज रहा था — “वैभव सूर्यवंशी”

  • लोग पूछ रहे थे: “भाई कौन से बोर्ड में पढ़ते हो? CBSE, ICSE या BCCI?
  • कोई पूछ रहा था: “कौन सी क्लास?
  • जवाब मिला: “Class 9th, Section D, sir!”

मीम्स बन रहे थे, फैन्स मजाक में कह रहे थे कि “भाईसाहब हम तो 14 साल में अभी साइकल से स्कूल जाते थे, ये IPL में 200 रन चेज़ करवा रहा है।


क्रिकेट के दिग्गज भी हुए फैन

  • युसुफ पठान, जिनका रिकॉर्ड टूटा, बोले:
    “I am so happy that a fellow Rajasthan Royal broke my record. Proud moment.”
  • सचिन तेंदुलकर ट्वीट करते हैं:
    “Age is just a number when talent shines this bright. Proud of you Vaibhav!”
  • विराट कोहली इंस्टाग्राम पर लिखते हैं:
    “Bhai sahab! 14 mein ye… hum to soch rahe the cycle lena hai. Hats off champ.”

क्या आगे है वैभव सूर्यवंशी का भविष्य?

अगर वैभव 14 साल की उम्र में सिराज, राशिद खान, प्रसिद्ध कृष्णा जैसे इंटरनेशनल बॉलर्स को धूल चटा सकते हैं, तो सोचिए 18-20 की उम्र में क्या करेंगे?
विश्व कप? टेस्ट शतक? आईपीएल ऑरेंज कैप?

संभावनाएँ असीम हैं। बस जरूरत है सही मार्गदर्शन की, अच्छे कोचिंग की और खेल के प्रति उसी जुनून को बनाए रखने की।

वैभव ने खुद कहा:
“मैं अपने बिहार और भारत को गर्व महसूस कराना चाहता हूँ। यही सपना है।”

और यकीन मानिए, इस लड़के ने पहले ही कदम पर देश को गर्व से भर दिया है।


आखिरी शब्द: “एक बिहारी, सब पर भारी”

वैभव सूर्यवंशी की पारी सिर्फ एक इनिंग नहीं थी।
यह एक संदेश था — उम्र कोई मायने नहीं रखती जब जुनून और टैलेंट दिल में हो।

राजस्थान रॉयल्स ने जो हीरा ढूंढ निकाला है, उसका चमकना अब तय है।
यह 14 साल का बच्चा आने वाले वक्त में भारत का भविष्य हो सकता है।
एक बिहारी लड़का जिसने साबित कर दिया कि चाहे UPSC हो या क्रिकेट — जब बिहारी इरादा कर ले, तो इतिहास बनता है।


“जब इरादा ऊँचा हो, तब कद आसमान का भी छोटा लगता है।”

वैभव सूर्यवंशी — नाम याद रखिए, ये नाम इतिहास रचेगा।

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