RCB vs PBKS: एक तेरा, एक मेरा — जब दो शिकारी बाहर निकले जंगल में

RCB vs PBKS: एक तेरा, एक मेरा — जब दो शिकारी बाहर निकले जंगल में

“अपने घर में तो कुत्ता भी शेर होता है” — यह कहावत IPL के दो सबसे अनप्रेडिक्टेबल और दिल से खेलने वाली टीमों पर एकदम फिट नहीं बैठती — पंजाब किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर।

क्यों?

क्योंकि ये दोनों टीमों के शेर अपने घर में नहीं, बाहर दहाड़ते हैं। और IPL 2025 में तो मानो उन्होंने तय कर लिया हो कि एक-दूसरे को उसी की ज़मीन पर हराना है। चिन्नास्वामी में पंजाब ने RCB को हराया और अब चंडीगढ़ में RCB ने पंजाब से बदला ले लिया — एक तेरा, एक मेरा!


जब लड़खड़ाई पंजाब की बल्लेबाज़ी

पंजाब ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी चुनी। लेकिन उनकी पारी उतनी मजबूत नहीं रही जितनी होनी चाहिए थी। स्कोरबोर्ड पर 157/6 का स्कोर देखकर यही लगा — 20 रन कम पड़े!

शशांक सिंह, जो इस सीज़न पंजाब की खोज रहे हैं, इस मैच में बहुत धीमे नजर आए — 33 गेंदों में सिर्फ 31 रन। उनसे स्ट्राइक रेट की उम्मीद होती है, न कि एंकरिंग की। इंग्लिश और स्टोइनिस की विकेट्स एक ही ओवर में गिरना, और वो भी सुयश शर्मा के ओवर में — ये शायद पंजाब की पारी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट था।


RCB की बॉलिंग — वो जो कभी पहचान ही नहीं थी

RCB की गेंदबाजी हमेशा आलोचना का शिकार रही है। लेकिन इस बार जो देखा, वो तो नया अवतार था!

  • जॉश हेज़लवुड: आखिरी ओवर्स में यॉर्कर पर यॉर्कर, और सिर्फ चार रन दिए आखिरी ओवर में।
  • भुवनेश्वर कुमार: पुराने ज़माने की याद दिला दी। 4 ओवर, 26 रन और कमाल की लाइन लेंथ।
  • सुयश शर्मा: 4 ओवर, 26 रन, 2 विकेट — और दोनों विकेट क्लीन बोल्ड!

किसी ने नहीं सोचा था कि ये वही टीम है जिसकी गेंदबाजी कभी सबसे कमजोर कड़ी मानी जाती थी। लेकिन आज गेंदबाज़ों ने पंजाब को रन बनाने से रोका, और शायद वहीं से मैच आधा जीत लिया गया।


डेवदत्त पडिक्कल – पुनर्जन्म की कहानी

आरसीबी में कई बार ऐसा हुआ है कि खिलाड़ियों को उनकी क्षमता से कम आंका गया है। लेकिन इस बार देवदत्त पडिक्कल ने बता दिया कि वो सिर्फ ‘फर्स्ट-सीज़न वंडर’ नहीं हैं।

35 गेंदों में 61 रन — वो भी तब, जब टीम को सिर्फ 157 रन चाहिए थे। पडिक्कल ने ना सिर्फ रन बनाए, बल्कि स्ट्राइक रेट को 175 के ऊपर रखा, जिससे विराट कोहली को आराम से चेस सेट करने में मदद मिली।

पिछले कुछ मैचों में उन्होंने 14 गेंद 27 रन, 22 गेंद 37 रन, 28 गेंद 40 रन जैसी पारियां खेली हैं — यानि वो धीरे-धीरे अपने पुराने रंग में लौट रहे हैं।


किंग कोहली – जब चेस हो, तो पीछे क्यों हटें?

विराट कोहली ने एक बार फिर दिखा दिया कि अगर चेस करना हो, तो उनसे बेहतर कोई नहीं।

  • 54 गेंदों पर 53 रन — हालांकि स्ट्राइक रेट लो था, लेकिन उन्होंने एक छोर संभाले रखा।
  • विराट ने फिर से इतिहास रच दिया — IPL में सबसे ज्यादा हाफ सेंचुरी लगाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं (67), वार्नर को पीछे छोड़ते हुए।
  • 36 साल की उम्र में भी 4 रन दौड़कर लेना — ये बताता है कि विराट सिर्फ रन मशीन नहीं, फिटनेस मशीन भी हैं।

और हां, विराट ने अब तक 12 बार 50+ स्कोर बनाकर टीम को रन चेस में जीत दिलाई है — एक और रिकॉर्ड जो उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग करता है।


RCB की बॉलिंग यूनिट – गेम चेंजर

  • भुवनेश्वर कुमार – क्लासिक स्विंग, बिना रन दिए ओवर निकालना।
  • हेज़लवुड – सटीक यॉर्कर्स, सही समय पर ब्रेक लगाना।
  • सुयश शर्मा – स्मार्ट गोगली और तेज़ कैरेम बॉल्स, इंग्लिश और स्टोइनिस को बोल्ड!
  • कुणाल पांड्या – 4 ओवर, 25 रन, 2 विकेट — एकदम स्लिप अंडर द रडार बॉलर।

इतनी संतुलित गेंदबाजी RCB के पास कब थी? शायद 2015 या 2010 में कुछ glimpses मिले थे, लेकिन इस बार की बॉलिंग रीलायबल है — और यही उन्हें बाकी टीमों से अलग बना रहा है।


पंजाब – मुश्किल में लेकिन अब भी जिंदा

पंजाब की टीम भी खराब नहीं खेली। सिर्फ एक बुरा दिन था, एक धीमी पारी थी। शशांक सिंह, इंग्लिश, स्टोइनिस, कगिसो रबाडा जैसे खिलाड़ी मैच पलट सकते हैं किसी भी दिन। श्रेयस अय्यर का घर में खराब रिकॉर्ड जरूर है — चार मैच में सिर्फ 6.25 का एवरेज — लेकिन घर से बाहर वो भी शेर हैं (119 का एवरेज!)।

अब पंजाब के 10 पॉइंट हैं — और टेबल बहुत क्लोज है।


प्लेऑफ की रेस – सांस रोक देने वाली जंग

इस वक्त IPL 2025 के पॉइंट्स टेबल में ये स्थिति है:

  • RCB – 10 पॉइंट्स
  • पंजाब – 10 पॉइंट्स
  • दिल्ली – 10 पॉइंट्स
  • गुजरात – 10 पॉइंट्स
  • लखनऊ – 10 पॉइंट्स

मतलब प्लेऑफ की रेस में ये पांच टीमों की जंग है। और इनमें से कोई तीन या चार पहुंच सकती हैं। लेकिन RCB की मौजूदा फॉर्म देखकर लग रहा है कि वो अब रुकने वाले नहीं हैं।


क्या RCB तोड़ेगी ट्रॉफी का श्राप?

RCB की ट्रॉफी की तलाश कितने सालों से चल रही है — ये किसी से छुपा नहीं है। लेकिन इस साल कहानी थोड़ी बदली है:

  • बाहर के सारे मैच जीते हैं — Eden Gardens, Wankhede, Chepauk, Jaipur, और अब Chandigarh!
  • बॉलिंग बेहतर हो गई है — फाइनली!
  • बैटिंग स्टेबल है — विराट + पडिक्कल की ओपनिंग!
  • एनर्जी टीम में है — कोहली का जोश पूरे प्लेइंग इलेवन में उतर चुका है।

तो क्या इस साल “Ee Sala Cup Namde” वाकई में सच हो सकता है?


विराट – लीजेंड्स में लीजेंड

2025 में विराट कोहली वो कर रहे हैं जो अक्सर 26-28 साल के खिलाड़ी करते हैं।

  • सबसे ज्यादा रन IPL में
  • सबसे ज्यादा शतक
  • सबसे ज्यादा फिफ्टी
  • सबसे ज्यादा सफल चेस में 50+ स्कोर

और सबसे खास बात — कम उम्र वाले खिलाड़ी उनके साथ चल नहीं पा रहे, लेकिन वो अब भी दौड़कर 4 रन ले लेते हैं। फिटनेस, डेडिकेशन और लेगसी — तीनों चीजों में विराट unmatched हैं।


निष्कर्ष: RCB – लर्न @ होम, विन @ रोड

RCB इस साल उस टीम की तरह लग रही है जो घर से ज्यादा बाहर कम्फर्टेबल है — और यह चीज़ उन्हें बाकी टीमों से अलग करती है।

पंजाब और RCB दोनों ही घर में थोड़ा लुढ़कते हैं, लेकिन बाहर… बाहर वो शेर बन जाते हैं। और आज के मैच में ये कहानी दोबारा दोहराई गई।

सुयश शर्मा, भुवी, हेज़लवुड, पडिक्कल और विराट — ये पांच नाम आज की जीत के असली हीरो थे।

अब सवाल यही है कि क्या विराट इस जोश को ट्रॉफी में बदल पाएंगे?

हो सकता है…

क्योंकि RCB अब सिर्फ एक बैटिंग टीम नहीं है — वो अब एक कम्प्लीट टीम बन चुकी है।

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