IPL 2025 के सीज़न का यह मुकाबला एक साधारण मैच नहीं था। यह सिर्फ 22 गज की पिच पर दो टीमों के बीच की जंग नहीं थी — यह एक कहानी थी। यह वो कहानी थी जिसमें किरदार पुराने थे, इमोशंस ताज़ा थे और स्क्रिप्ट बिलकुल बॉलीवुड की थी। लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स का यह मैच महज़ अंक तालिका की दौड़ नहीं, बल्कि एक ‘क्लोज़्ड चैप्टर’ को दोबारा खोलने जैसा था। और इस कहानी का हीरो? कोई और नहीं — के.एल. राहुल।
“घर में घुस के मारेंगे” नहीं, “अपने ही घर में राज करेंगे”
दिल्ली का वो मैदान, जहां से केएल राहुल को बीते सीज़न में दरकिनार कर दिया गया था, वहीं अब उनके बल्ले ने सबसे बड़ा जवाब दिया। यह सिर्फ बदला नहीं था — यह उस घर में लौटकर अपने अस्तित्व को साबित करने की कहानी थी, जिसे राहुल ने कभी बनाया था। यह वही मैदान था जहां से उन्हें बेइज़्ज़ती के साथ बाहर का रास्ता दिखाया गया। और अब, जब कैमरा हर शॉट पर संजीव गोयनका की तरफ जाता था, तो वो हर रन के साथ सिर्फ स्कोरबोर्ड नहीं, एक पुराने ज़ख्म पर नमक छिड़क रहा था।
दिल्ली की फतह, राहुल की कहानी
159 रनों का लक्ष्य बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन जिस अंदाज़ में दिल्ली कैपिटल्स ने इसे 17.5 ओवर में चेज़ किया, वो क्लिनिकल नहीं बल्कि पर्सनल लगा। राहुल 57 रन बनाकर नॉट आउट लौटे। लेकिन ये 57 रन सिर्फ एक पारी नहीं थी — ये थे उन तमाम सवालों के जवाब जो बीते सीज़न से उनके इर्द-गिर्द मंडरा रहे थे। राहुल ने जैसे हर बाउंड्री के साथ चुपचाप बोला, “मैं ही असली कप्तान था, और रहूंगा।”
गोयनका बनाम राहुल — एक बार फिर…
संजीव गोयनका और राहुल की कहानी अब आईपीएल की सबसे दिलचस्प और चर्चित राइवलरी बनती जा रही है। धोनी के साथ मनमुटाव की बातें तो पुरानी हो चुकी थीं, अब राहुल और ऋषभ पंत इस स्क्रिप्ट में नए एक्टर्स थे। लेकिन फर्क इतना था कि जहां पंत पूरी तरह से खोए-खोए नज़र आए, वहीं राहुल की आंखों में आत्मविश्वास था, जवाब था, और एक ठहराव था।
गोयनका शायद इस बात से असहज थे कि जिस खिलाड़ी को उन्होंने ‘साइडलाइन’ किया था, वही आज दिल्ली के लिए सबसे बड़ा ‘एसेट’ साबित हो रहा है। कैमरा जब-जब गोयनका के चेहरे पर गया, वो एक ही सवाल पूछ रहा था — “क्या हमने ग़लती की?”
ऋषभ पंत — और गहराता सन्नाटा
ऋषभ पंत के लिए यह सीज़न किसी दुःस्वप्न से कम नहीं। इस मैच में भी वे बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। 2025 में अब तक दो बार जीरो पर आउट हुए हैं — दोनों बार दिल्ली के ही सामने। और दोनों बार निराशा, असहायता और खामोशी उनके चेहरे पर पढ़ी जा सकती थी।
सातवें नंबर पर बल्लेबाज़ी करने आए ऋषभ — ये अपने आप में एक संकेत है कि अंदर कुछ ठीक नहीं है। सुरेश रैना और अनिल कुंबले तक ने कह दिया, “All is not well.” क्या ये सिर्फ फॉर्म है, या फिर बैकग्राउंड में कुछ और चल रहा है — वो आने वाले वक्त ही बताएगा।
मुकेश कुमार — जब दिल्ली ने गेंद से बदला लिया
भले ही राहुल इस मैच के हीरो थे, लेकिन गेंद से जो कमाल मुकेश कुमार ने किया, वो भी कम नहीं था। चार ओवर, 33 रन और चार विकेट। लेकिन वो चार विकेट नहीं, चार बयान थे। उन्होंने मार्श, बदोनी और ऋषभ पंत को क्लीन बोल्ड किया। पंत को आउट करना किसी और बॉलर के लिए सामान्य हो सकता है, लेकिन मुकेश के लिए ये एक ‘क्लच मोमेंट’ था। जिस अंदाज़ में ऋषभ स्विच हिट करने के चक्कर में बोल्ड हुए, वो बहुत कुछ बयां कर गया।
लखनऊ का पतन — एक आत्मघाती मिडिल ऑर्डर
11 ओवर में स्कोर था 99/1। सब कुछ कंट्रोल में लग रहा था। माकरम और मार्श ने अच्छी शुरुआत दी। लेकिन अगले 9 ओवर में सिर्फ 60 रन बनना — यही लखनऊ की हार की असली वजह थी। पूरन नहीं चले। बदोनी बोल्ड हुए। और वो फिनिशिंग टच जो एक अच्छी टीम को चाहिए होता है, वो नदारद था।
मार्श, माकरम और पूरन में से कोई भी अंत तक नहीं टिक सका। और अक्षर पटेल, मिचेल स्टार्क और मुकेश कुमार की गेंदबाज़ी ने लखनऊ को बांधकर रख दिया।
केएल राहुल — आंकड़े जो गूंजते हैं
- 5000 रन IPL में, और वो भी सिर्फ 130 पारियों में — सबसे तेज़।
- 46 का औसत, 4 शतक और 40 अर्धशतक।
- अब तक 2025 में उन्होंने बनाए हैं — 93 (53), 38 (32), 28 (14), 57* (42)।
- दिल्ली कैपिटल्स के पहले खिलाड़ी बने जिन्होंने इस सीज़न में 300 रन बनाए।
ये सिर्फ संख्याएं नहीं, ये एक बयान हैं — “I belong here.”
दिल्ली की किस्मत बदल रही है
पहले 8 में से 6 मैच जीतना दिल्ली ने बहुत कम बार किया है — 2009, 2012, 2020, 2021 और अब 2025। और जब-जब ऐसा हुआ है, दिल्ली क्वालिफायर्स तक पहुंची है। इस बार भी वही संकेत मिल रहे हैं।
गुजरात और दिल्ली वो दो टीमें हैं जो इस वक्त सबसे ज़्यादा इम्पैक्ट दिखा रही हैं। पंजाब, मुंबई, आरसीबी और लखनऊ अब संघर्ष की दौड़ में हैं।
पोस्ट-मैच स्क्रिप्ट — कैमरे, इमोशंस और एक इशारा
जब राहुल ने नॉट आउट रहकर मैच खत्म किया और अपनी जर्सी की पीठ पर ‘RAHUL’ की तरफ इशारा किया, तब वो सिर्फ जश्न नहीं था — वो एक मैसेज था। ठीक उसी तरह जैसा उन्होंने चिन्नास्वामी में RCB के खिलाफ किया था।
इस इशारे में बहुत कुछ छुपा था — दर्द, ठहराव, बदला और एक क्लोजर।
राहुल का रिवेंज पूरा हुआ… मगर कहानी अभी बाकी है
राहुल ने इस मैच से यह दिखा दिया कि उन्हें साइडलाइन करना एक भूल थी। उन्होंने फिर से खुद को साबित किया है। लेकिन आईपीएल एक लंबी कहानी है और गोयनका बनाम राहुल की यह गाथा अभी और पन्ने पलटेगी।
क्या ऋषभ वापसी कर पाएंगे? क्या गोयनका फिर से कप्तान बदलेंगे? क्या राहुल टी20 वर्ल्ड कप के लिए दावेदारी मज़बूत कर चुके हैं?
ये सवाल अभी बाकी हैं।
पर एक बात तय है —
राहुल ने फिर से दुनिया को याद दिलाया है — “राहुल नाम तो सुना ही होगा!”
