“एक आदमी बड़ा क्यों बनता है? शायद इसलिए कि वो अपने फैसलों से दुनिया को बदल सके। लेकिन विराट कोहली इस वक्त सोच रहे होंगे – बड़ा आदमी बनने का मतलब क्या अब इतना बड़ा बोझ भी उठाना पड़ेगा कि इंसान अपनी मर्ज़ी से एक फोटो भी न लाइक कर सके?”
2025 की गर्मी में जब आईपीएल का शोर, फैंस का जुनून और क्रिकेट की कहानियाँ हर तरफ तैर रही थीं, अचानक एक इंस्टाग्राम “लाइक” ने पूरा सोशल मीडिया हिला दिया। भारत के सबसे बड़े क्रिकेट स्टार विराट कोहली, जिन्होंने देश को वर्ल्ड कप जिताए, जिनकी बैटिंग पर लोग मरते हैं, जिन्होंने “किंग कोहली” बनकर दुनिया को झुकाया – वही विराट एक फोटो लाइक करने पर ट्रोल हो गए।
और लड़की कौन? अवनीत कौर। उम्र 23 साल। पेशा – एक्ट्रेस और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर। तस्वीर कुछ लोगों की नजर में “बोल्ड” थी, कुछ की नजर में एक सिंपल फोटोशूट। लेकिन इस सबके बीच कोहराम मच गया क्योंकि इस तस्वीर को लाइक किया था 37 साल के शादीशुदा विराट कोहली ने – और वो भी अनुष्का शर्मा के जन्मदिन के दिन!
आग लगने की वजह – एक ‘टच’
कोहली साहब ने सफाई दी – “मैंने जानबूझकर लाइक नहीं किया। गलती से टच हो गया। कृपया अफवाहें ना फैलाएं।”
इस सफाई के बाद इंटरनेट दो हिस्सों में बंट गया –
एक तरफ वो लोग जो मज़े ले रहे थे –
“घर में शेर नहीं रहे विराट भाई?”
“भाभी ने डांट दिया क्या?”
“97 बॉल खा गए वर्ल्ड कप में तब सफाई नहीं दी, अब फोटो लाइक करने पर दे रहे हो?”
दूसरी तरफ वो लोग भी थे जो इस प्रकरण को लेकर गंभीर थे –
“ये क्या टॉक्सिसिटी है भाई? एक इंसान अगर किसी की फोटो लाइक कर दे तो क्या वो इंस्टीट्यूशन ऑफ मैरिज को तोड़ देता है?”
यहां से असल कहानी शुरू होती है – भारत में पब्लिक फिगर की पर्सनल लाइफ की बर्बर चीर-फाड़।
क्रिकेटर नहीं, ‘सोशल आइकन’ होना भी एक श्राप है
विराट कोहली सिर्फ क्रिकेटर नहीं हैं। वह एक आदर्श पति हैं, सोशल मीडिया रोल मॉडल हैं, ब्रांड एंबेसडर हैं, और शायद अनजाने में ही ‘पवित्रता’ के प्रतीक बना दिए गए हैं।
सोचिए, क्या होता अगर यही फोटो किसी और ने लाइक की होती? किसी और क्रिकेटर ने? शायद कुछ नहीं।
लेकिन जब विराट कोहली करते हैं, तो स्क्रीनशॉट उड़ते हैं, ट्वीट्स आते हैं, रील्स बनते हैं और मीम्स की तो बाढ़ आ जाती है।
वो लोग जो विराट की आलोचना तब नहीं करते जब उनकी टीम हारती है, वही लोग आज खड़े हैं उनकी नैतिकता को जज करने।
“गलती से टच हो गया” – या दबाव में दिया गया बयान?
विराट कोहली जैसे शख्स को सफाई देने की ज़रूरत नहीं होनी चाहिए थी। लेकिन उन्होंने दी। सवाल ये नहीं है कि उन्होंने सफाई क्यों दी। सवाल ये है कि उन्हें सफाई देने की नौबत क्यों आई?
क्या ये सोशल मीडिया ट्रोल्स का प्रेशर था?
या फिर अंदर की कोई ‘डांट’ जिसने विराट को मजबूर किया कि वो पब्लिकली कहें – “मेरे इरादे गलत नहीं थे”?
क्या ये वही विराट कोहली हैं जो कभी स्लेजिंग में दुनिया के सबसे बेबाक खिलाड़ी माने जाते थे? जो बॉलर को आँखों में आँखें डालकर कहते थे – “Come fight me!”
वो विराट अब एक “लाइक” पर “डर” के सफाई दे रहे हैं?
“अवनीत कौन?” – और अब ‘क्यों’ सब जानते हैं?
अवनीत कौर, जो शायद इंस्टाग्राम फॉलोअर्स के एक खास वर्ग में ही पॉपुलर थीं, अब अचानक पूरे देश की चर्चा बन गईं। ये विराट कोहली की फॉलोइंग का असर था।
जिस फोटो को लाइक किया गया, वो फोटो ही अवनीत की लाइफ का टर्निंग पॉइंट बन गई।
कुछ ने तो यह तक जोड़ दिया कि अवनीत दुबई गई थीं, क्या विराट वहीं थे?
फैन पेज क्यों फीड में आ रहा था?
क्या विराट अवनीत को ढूंढ रहे थे?
क्या वो जानबूझकर गया था?
इन सवालों की बेशर्मी देखकर समझ आता है – पब्लिक फिगर के लिए “प्राइवेसी” नाम की चीज़ इस देश में शायद होती ही नहीं।
अगर अनुष्का ने ऐसा किया होता?
अब सोचिए, अगर यही काम अनुष्का शर्मा ने किया होता?
अगर उन्होंने किसी 23 साल के फिटनेस मॉडल या एक्टर की बोल्ड तस्वीर लाइक की होती, क्या तब भी हम इतने ही माफ़ करते?
या फिर हम कहते – “ये कैसी बीवी है?” “विराट को इज्ज़त नहीं देती?” “औरत होके ऐसा कर रही हो?”
मतलब ये डबल स्टैंडर्ड्स सिर्फ पर्सनल नहीं, पूरे सिस्टम में घुसे हुए हैं।
क्रिकेट कहाँ गया इस शोर में?
सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस पूरी बवाल के बीच विराट कोहली की बैटिंग गायब हो गई।
आईपीएल 2025 में 10 मैचों में 443 रन, 6 फिफ्टीज़, कई बार चेज़ मास्टर की भूमिका – वो सब इस “लाइकगेट स्कैंडल” के नीचे दब गया।
उसी दिन उनकी टीम का मैच भी था चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ। लेकिन पूरा ट्विटर बस एक ही बात से गूंज रहा था – “भाई साहब ने कौन सी फोटो लाइक की थी?”
क्या यह इंसाफ़ है?
नहीं। एक शब्द में कहें तो नहीं।
विराट कोहली एक इंसान हैं। वो गलती कर सकते हैं। हो सकता है वो सच बोल रहे हों। हो सकता है गलती से टच हुआ हो।
और अगर जानबूझकर भी हुआ हो तो क्या?
क्या एक इंसान, जिसने अपनी पूरी जवानी इस देश को ट्रॉफी दिलाने में लगा दी, वो इतना भी हकदार नहीं कि वो किसी की फोटो लाइक कर सके?
क्या उनकी शादी, उनका करियर, उनका कैरेक्टर – सब सिर्फ एक “टैप” से मापा जाएगा?
“लाइक” करने के अधिकार की लड़ाई
ये मामला सिर्फ विराट कोहली का नहीं है। ये मामला उस समाज का है जो हमेशा अपने रोल मॉडल्स को इंसान मानने की बजाय “देवता” बना देता है, और फिर उनकी हर हरकत को नैतिक चश्मे से देखता है।
हम भूल जाते हैं कि वो भी हमारी तरह स्क्रॉल करते हैं। वो भी फीड में तस्वीरें देखते हैं। वो भी इंसान हैं।
और गलती उनसे भी होती है। हां, फर्क इतना है कि उनकी गलती स्क्रीनशॉट बन जाती है।
“विराट का ‘लाइक’, हमारा आईना”
विराट कोहली के एक इंस्टाग्राम “लाइक” ने हमें बहुत कुछ दिखा दिया – हमारी सोच, हमारी ट्रोलिंग की ताक़त, हमारी सीमित समझ और हमारी डिजिटल नैतिकता की खोखली दीवारें।
ये लड़ाई विराट की नहीं है। ये हर उस इंसान की है जो अपने फ़ोन पर कुछ करने से पहले सोचता है – “कोई स्क्रीनशॉट तो नहीं ले लेगा?”
शायद विराट कोहली भी अब मुस्करा रहे होंगे और सोच रहे होंगे –
“यार बड़ा आदमी बनना… बड़ी मुसीबत है!”
