सीएसके वर्सेस आरएस मैच में देखना यह था कि IPL 2025 में ज्यादा बुरी टीम कौन? कौन सी टीम है जो 10वें पायदान के लिए जोर शोर से लड़ रही है। सीएसके ने कहा कि देखो भाई साहब हम पुरानी टीम है।
यह हक हमारा बनता है और हम ही यहां रहेंगे। हम इस साल जीतने के लिए आए ही नहीं। हमने टीम ही नहीं चुनी है। और वही हुआ। 12 ओवर पांच गेंद में सीएसके 114 पर चार थी और 12 ओवर में 114 रन अच्छे खासे होते लेकिन फिर वक्त बदला जज्बात बदला हालात बदला और नतीजा यह हुआ
कि 154 पर वो ऑल आउट हुई और सन जो है वो राइज कर गया चिपॉक में। हां जी। एसआरएच ने इतिहास बना दिया है। पहली बार आईपीएल में चिपॉक में सीएसके को हराया। क्योंकि इससे पहले लगातार वो जीतते नहीं थे।
हारते थे। सीएसके का अभेद किला था चिपक का मैदान जो इस साल पूरी तरह से दरक गया टूट गया बिखर गया सीएसके की पूरी लेगसी जो है
उसे खत्म कर दिया गया और इस साल 2025 आईपीएल को सीएसके के घर में हारने के इतिहास के तौर पर इसे याद रखा जाएगा। इतिहास के तौर पर मतलब 17 साल बाद आरसीबी ने हराया।
15 साल बाद दिल्ली ने हराया। अपने मैदान में केकेआर के सामने वो लोएस्ट स्कोर रहे और पहली बार उन्हें एसआरएच ने घर में पटक दिया। पहली बार वो इस तरह से ऑल आउट हो के हारे और इसीलिए हम कह रहे हैं
कि सीएसके का किला जो है वो ढह गया है और ये क्यों ना ढहे आप क्रिकेट मैच में दो जगह पर मेन होता है रन बनाने का। एक होता है पावर प्ले, एक होता है डेथ ओवर। पावर प्ले में सीएसके ने 50 रन पर तीन विकेट गवा दिए।
और डेथ ओवर जहां पर ताबड़तोड़ रनों की बारिश होनी चाहिए थी। आपको जानकर हैरानी होगी कि आखिरी के चार ओवर में सीएसके ने सिर्फ 24 रन बनाए चार विकेट के नुकसान पर और खत्म हो गए।
24 रन जब आप बनाते हो तो आप सामने वाली टीम को एज दे देते हो कि आप जाइए जीत कर आ जाइए। यही हुआ सीएससी के साथ। जीता जिताया मैच वो हार गए। 20 ओवर नहीं खेल पाए।
एसआरएच ने भी गंदा खेला लेकिन सीएसके ने ज्यादा गंदा खेला और दो खत्म टीमों के बीच में सीएसके इस बारl 2025 से इस मैच में खत्म हो गए।
154 ऑल आउट एसआरएच ने 18 ओवर चार गेंद में 155 रन बनाए। इतिहास रचा मैच जीत लिया। चिपॉक में आ एसआरएच को मिला। एसआरएच ने थोड़ी बुद्धि लगाई। कुछ चीजें जो है वो बेहतर की जैसे नीतीश कुमार रेड्डी को नीचे उतार दिया।
अ गेंदबाजों को अपने यह बताया कि भाई साहब पर्पल पटेल है आप और पर्पल पटेल को याद दिलाया गया तो चार ओवर में 28 रन देकर चार विकेट निकाल दिए। कमेंस जो है आज खुद फॉर्म में आए।
चार ओवर 21 रन दिए। तो ओवरऑल जोर लगाया उन्होंने और उस जोर का असर यह था कि ये टीम फिलहाल बेहतर नजर आ रही है। वैसे बेहतर तो आरसीबी ही नजर आ रही है क्योंकि आज के मैच में दोनों टीमें आरसीबी को लेकर सोच रही थी।
मतलब चाहे वो सीएसके हो या फिर एसआरएच दोनों आरसीबी आरसीबी का गाना गा रहे थे। नितीश रेड्डी ने भी कहा था डू और डाई है। हम चाहते हैं
वही करें जो आरसीबी ने बीते साल किया और आरसीबी इंस्पिरेशन बनकर इस साल आई है। अच्छा है। कहानी अच्छी है। बाकी सीएसके के लिए कोई खास इंस्पिरेशन रहा नहीं इस मैच में। उनके लिए एक एडवांटेज था
कि उनको ब्रेविस जैसा बल्लेबाज मिल गया है। जिसको अगर कायदे से वो खिलाएंगे तो शायद अगले 10-15 साल वो इनको फायदा दे सकता है। अब 25 गेंदे 42 ब्रेविस ने मारे। बेहतरीन बल्लेबाजी की। ताबड़तोड़ चौका।
आयुष ने अच्छी बल्लेबाजी की। 19 गेंद पर 30 रन बनाए और जबरदस्त बल्लेबाजी थी। ब्रेविस आयुष के अलावा कोई खिलाड़ी था नहीं जिसका इंटेंट नजर आया। ब्रेविस ने बढ़िया किया। उसका पहला मैच था यार।
फिर एक डॉट फिर मुंबई में इसे क्यों नहीं खिलाया गया मुझे पता नहीं। लेकिन इसने सब दिखाया। नो लुक शॉट लगाया। बढ़िया था। गबिंदु मेंडिस ने कैच पकड़ा। वो बहुत खतरनाक कैच था।
बट उसके पहले इस लड़के ने काफी कुछ कर दिया था और सीएसके का इस साल सब कुछ खराब था क्योंकि मैंने आपको मिड सीजन की शुरुआत में ही कह दिया था कि सीएसके इस साल खत्म है। खत्म है।
अगर आप राहुल त्रिपाठी, दीपक हुड्डा, विजय शंकर टाइप खिलाड़ियों के साथ जा रहे हो। आप खत्म टीम हो। लेकिन सीएसके ने मिड सीजन आते-आते कुछ अच्छे खिलाड़ियों में इन्वेस्टमेंट कर दी है।
जिसमें आयुष का नाम है जिसमें आपके पास ब्रेविस आ गया है और सीएसके इन कुछ चीजों को इंस्पिरेशन के तौर पर ले सकती है। ये उसके इसलिए इस साल एडवांटेज है। लेकिन सच यही है
कि राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स ये दो ऐसी साइड है जो इस साल खत्म हो चुकी है। इनकी कहानी खत्म हो चुकी है और अब यहां से कोई कहानी नहीं है। सीएसके एडवांटेज बस इसलिए जा सकती है
कि उसके बाद ब्रेविस आ गया, आयुष आ गया, कंबोज आ गए। यह उनके एडवांटेज है और नूर अहमद उनको मिल गया। हालांकि नूर जो है वो कंसिस्टेंसी नहीं है। किसी मैच में बहुत अच्छा करते हैं।
किसी मैच में पिट जाते हैं। तो वो कहानी उनकी है बट ठीक है। ओवरऑल सीएसके जो है अब यहां से खाली अगले साल की तैयारी कर सकती है और कुछ नहीं है। दे शुड बी हैप्पी दैट दे गॉट आयुष महात्रे।
दे शुड बी हैप्पी दैट दे गॉट ब्रेविस। दे शुड बी हैप्पी वि नूर अहमद। और अगले साल डोमेस्टिक से कुछ लड़कों को लाकर थोड़ी कैचिंग प्रैक्टिस करवाकर अपनी टीम बना सकते हैं।
नहीं कैचिंग प्रैक्टिस इसलिए कह रहे हैं क्योंकि अगर आप एक सीजन में 18 कैच ड्रॉप करोगे तो आप कहां जाओगे? 18 कैच ड्रॉप किए और यही वजह है कि धोनी साहब का 400वां टी20 मैच जो है वो हार गए।
वैसे धोनी साहब 300वां भी हारे थे, 200वां भी हारे थे, 100वां भी हारे थे। लेकिन आज जो हारे हैं उसकी वजह उनकी बैटिंग थी। बहुत गंदी बैटिंग और इसी वजह से चिपक में चार मैच वो हार गए।
चार मैच बहुत बड़ा नंबर होता है भाई साहब। आप कितना मैच मतलब 1 2 तीन चार मैच लगातार अगर आप अपने घर पर हार रहे हो तो इसका मतलब है आप खत्म टीम हो और इनकी कहानी खत्म हो गई।
धोनी साहब के बल्ले से भी रन नहीं निकले आज। एंड में आए छह गेंद पे 10 रन थे। मतलब वो इंपैक्ट जो था धोनी साहब का वो नहीं दिखा। बट वही पे कह रहा हूं अगर आपको अभी भी धोनी से उम्मीद करनी पड़ रही है
और यह सोचना पड़ रहा है कि धोनी आपको मैच जिताएं। तो आप वहीं पर खत्म टीम हो। क्योंकि धोनी अब उस उम्र में नहीं है जहां पर उनको इतना रन बनाना चाहिए। धोनी उस उम्र में है जहां पर एंजॉय करने दो।
धोनी की बुद्धि का इस्तेमाल करके आप जीतो। और धोनी ने भी यही कहा कि अगर आपकी टीम में दो चार खिलाड़ी प्रॉब्लम हुए तो समझ में आता है। लेकिन अगर आपकी टीम में छह-छह खिलाड़ी पांच-प खिलाड़ी प्रॉब्लम हो गए हैं
तो फिर आप खत्म टीम के तौर पर जाने जाते हैं और यही कहानी जो है धोनी साहब की टीम की रही। एसआरएच की जहां तक बात है
एसआरएच भी बहुत खास कुछ है नहीं यार। अभिषेक शर्मा जीरो पर आउट हुए। ट्रेविस हेड वो रोहित शर्मा के इश्क में पगलाए हुए हैं। उनके मीम्स चल रहे हैं। रोहित पगलू रोहित पगलू रोहित पगलू क्या हो गया है?
जबरदस्ती अपने आप को काहे गे दिखाना है हमको नहीं समझ में आ रहा। बट ये रोहित पगलू जो है ये कुछ ज्यादा ट्रेंड हो रहा है
और ट्रेविस हेड का ध्यान क्रिकेट से हट गया है। अब वो इश्क में थोड़ा पढ़ के बोहराए हुए हैं। ईशान किशन का आज कमबैक था। अच्छी पारी थी। बहुत बहुत इंपैक्टफुल तो नहीं थी
लेकिन मैच जिताऊ पारी में उनका भी अंश जो था वो आज था। क्लासिन आज नहीं चले अनिकेत वो भी थोड़ा फंसा रहे हैं। मुझे लगता है अनिकेत को ज्यादा ऊपर उतारा जा रहा है। वो हिटिंग में अच्छे हैं। कमिो मेंडस बढ़िया थे।
कैच अच्छे पकड़े, ओवर अच्छी किए, विकेट भी निकाला। ओवरऑल एसआरएच आरसीबी की तरह उम्मीद कर रही है कि दे स्टिल हैव चांस। दे स्टिल हैव चांस बट मुझे लगता है बहुत मुश्किल है। बहुत मुश्किल है।
आखिरी के छह मैच जितनातना आई डोंट थिंक इट्स पॉसिबल। बट क्रिकेट और सियासत में आखिरी लम्हे तक देखना होता है। तो देखते हैं। देखते हैं क्या होता है।
